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Durga Visarjan 2026: आज किस समय करें मां दुर्गा की विदाई? जानें शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम

शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने के बाद अब माता रानी की विदाई का समय आ गया है. विजयादशमी के दिन दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है.

Shilpa Shrivastava
Durga Visarjan 2026: आज किस समय करें मां दुर्गा की विदाई? जानें शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम
Courtesy: ChatGPT AI

नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने के बाद अब माता रानी की विदाई का समय आ गया है. विजयादशमी के दिन दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है. इस दौरान भक्त नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई देते हैं और अगले साल फिर आने की प्रार्थना करते हैं. पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में दुर्गा विसर्जन की परंपरा श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जाती है. अगर आप भी आज माता रानी की विदाई की तैयारी कर रहे हैं, तो जान लीजिए शुभ मुहूर्त और पूजा से जुड़ी जरूरी बातें.

दुर्गा विसर्जन 2026 का शुभ मुहूर्त:

पंचांग के अनुसार, इस साल विजयादशमी मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मनाई जा रही है. दिए गए मुहूर्त के अनुसार, भक्त दोपहर में दुर्गा विसर्जन की रस्म पूरी कर सकते हैं.

मां दुर्गा की विदाई से पहले क्या करें?

विसर्जन से पहले मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करें. माता रानी के सामने दीपक जलाएं और आरती करके फूल, फल, मिठाई और प्रसाद अर्पित करें. इसके बाद परिवार की सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना करें.

कई जगहों पर माता को सिंदूर, चुनरी और श्रृंगार की सामग्री चढ़ाने की परंपरा भी निभाई जाती है. पश्चिम बंगाल समेत कुछ क्षेत्रों में महिलाएं सिंदूर खेला करती हैं. इस रस्म में महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख और सौभाग्य की कामना करती हैं.

क्या है दुर्गा विसर्जन का धार्मिक महत्व?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा की पूजा शक्ति, साहस और सकारात्मकता का प्रतीक है. नवरात्रि के दौरान भक्त देवी के नौ स्वरूपों की आराधना करके सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं.

विजयादशमी पर विसर्जन के साथ नवरात्रि उत्सव का समापन होता है. यह परंपरा मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उन्हें अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण देने से जुड़ी है. भक्त विश्वास करते हैं कि माता रानी की कृपा से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.