नई दिल्ली: बुल्गारिया की अंधी भविष्यवक्ता बाबा वेंगा जिनकी भविष्यवाणियों ने दशकों से दुनिया को हैरत में डाला है. वह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं. साल 2026 को शुरू हुए अभी केवल 20 दिन ही बीते हैं. दुनिया के एक कोने में मची तबाही ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है कि क्या वेंगा के विजन सच साबित हो रहे हैं.
लोगों का कहना है कि भले ही विज्ञान इन भविष्यवाणियों को इत्तेफाक मानता हो, लेकिन 2026 की ये शुरुआती घटनाएं डरावनी हैं. इन घटनाओं ने लोगों को बाबा वेंगा के कुछ रहस्यमय चीजें सच होने का डर सता रहा है. वहीं कुछ लोग इसको भ्रम मान रहे हैं.
बाबा वेंगा ने 2026 के लिए मौसमी घटनाओं की चेतावनी दी थी. चिली में लगी भीषण जंगल की आग ने इस भविष्यवाणी को हकीकत में बदलते दिखाया है. दक्षिणी चिली के नुबल और बायोबियो क्षेत्रों में आग इतनी बेकाबू है कि राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक को आपदा की स्थिति घोषित करनी पड़ी. अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है, 20,000 से ज्यादा लोगों को घर छोड़ने पड़े हैं और करीब 250 घर राख हो चुके हैं. अस्पताल, स्कूल और सड़कें तबाह हो गई हैं, जो बाबा वेंगा द्वारा बताए गए इंफ्रास्ट्रक्चर विनाश की याद दिलाता है.
बाबा वेंगा की सबसे रोमांचक भविष्यवाणियों में से एक है एलियंस से मुलाकात. दिलचस्प बात यह है कि इसी बीच चिली के एटलस टेलीस्कोप ने एक इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट 3I/ATLAS की खोज की है. खगोलविदों और थ्योरी बनाने वालों का मानना है कि क्या यह बाहरी दुनिया से आने वाला कोई संकेत है.
बाबा वेंगा ने 2026 में वैश्विक तनाव बढ़ने की बात कही थी. रूस-अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव और ताइवान पर चीन की बढ़ती हलचल इस ओर इशारा कर रही है. वेंगा के अनुसार, 2026 वह साल होगा जब सत्ता का केंद्र पश्चिम से खिसककर एशिया खासकर चीन की ओर जाएगा. बड़े भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोटों की चेतावनी ने जापान से लेकर अमेरिका तक के वैज्ञानिकों को अलर्ट पर रखा है.
कुछ लोग इसे बाबा वेंगा का चमत्कार मान रहे हैं, वहीं जलवायु विशेषज्ञ इसे ग्लोबल वार्मिंग और सूखे का नतीजा बता रहे हैं. चिली में बढ़ा तापमान और पानी की कमी ने जंगलों को बारूद के ढेर में बदल दिया है.