भारत में सोना सिर्फ गहना नहीं, बल्कि भरोसे और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. जब भी दुनिया में आर्थिक या राजनीतिक संकट गहराता है, लोग निवेश के लिए सोने की ओर रुख करते हैं. हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव ने सोने की कीमतों को फिर चर्चा में ला दिया है. इसी बीच बाबा वेंगा की एक कथित भविष्यवाणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने आम लोगों से लेकर निवेशकों तक का ध्यान खींचा है.
दावा किया जा रहा है कि उन्होंने 2026 के आसपास वैश्विक आर्थिक संकट और बैंकिंग अस्थिरता की बात कही थी. ऐसे माहौल में लोग सोने की ओर आकर्षित हो सकते हैं क्योंकि सोने को एक सुरक्षित निवेश माना जाता है. और अगर ऐसा हुआ तो सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी आ सकती है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन भविष्यवाणियों का कोई आधिकारिक आधार नहीं है और ये ज्यादातर सोशल मीडिया पर फैल रही चर्चाओं का हिस्सा हैं, जिन्हें लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है.
दावों के मुताबिक, अगर वैश्विक संकट गहराता है तो सोने की कीमतों में 25 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है. मौजूदा दरों के हिसाब से 10 ग्राम सोना 2.1 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. यह आंकड़ा आम लोगों के लिए चौंकाने वाला है, क्योंकि अभी भी सोना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो चुका है. हालांकि, यह पूरी तरह अनुमान पर आधारित है और इसे लेकर बाजार में कोई ठोस पुष्टि नहीं की गई है.
भारत में शादी-ब्याह के मौसम में सोने की मांग हमेशा बढ़ जाती है. ऐसे समय में अगर कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं तो इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग पर पड़ेगा. कई परिवार अपनी जरूरत के अनुसार सोना खरीदने की योजना बनाते हैं, लेकिन बढ़ती कीमतें उनके बजट को बिगाड़ सकती हैं. इससे खरीदारी का रुझान भी बदल सकता है और लोग निवेश के सस्ते विकल्पों की ओर जा सकते हैं.
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतें कई आर्थिक कारकों पर निर्भर करती हैं, जैसे महंगाई, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरें और वैश्विक हालात. उनका कहना है कि केवल भविष्यवाणियों के आधार पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है. विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे सोच-समझकर और धीरे-धीरे निवेश करें. साथ ही अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार ही फैसले लें, ताकि किसी भी उतार-चढ़ाव का असर कम हो सके.