पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अलग ही अंदाज में नजर आए. एक तरफ जहां सियासी पिच पर उन्होंने धुआंधार बैटिंग करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर तीखे हमले किए, वहीं दूसरी तरफ उनका ठेठ बंगाली अवतार भी देखने को मिला. झारग्राम में अपनी लगातार चार रैलियों की भारी व्यस्तता के बीच पीएम मोदी ने आम जनता के साथ मशहूर स्थानीय स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का जमकर लुत्फ उठाया.
कुर्ते के ऊपर लाल रंग का स्टोल (गमछा) डाले पीएम मोदी का यह बंगाली अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है. अपनी भव्य जनसभा को संबोधित करने के बाद वे झारग्राम की एक स्थानीय झालमुड़ी की दुकान पर जा पहुंचे. सामने आई तस्वीरों में पीएम मोदी मजे से अखबार के ठोंगे (कागज के लिफाफे) से झालमुड़ी खाते नजर आ रहे हैं.
ঝাড়গ্রামে ঝালমুড়ি খাবার বিরতি! pic.twitter.com/t0TcDeONxt
— Narendra Modi (@narendramodi) April 19, 2026Also Read
इस दौरान उन्होंने अपने ठोंगे से झालमुड़ी निकालकर आस-पास खड़ी महिलाओं को भी खिलाई. इस खास पल की तस्वीरें शेयर करते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "पश्चिम बंगाल में रविवार को चार रैलियों के व्यस्त दिन के बीच, मैंने झाड़ग्राम में कुछ स्वादिष्ट झालमुरी का आनंद लिया."
झालमुड़ी की इस मिठास और तीखेपन के बीच, पीएम मोदी ने आदिवासी बहुल झारग्राम में टीएमसी पर करारा सियासी वार भी किया. उन्होंने राज्य की ममता सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी 'घुसपैठियों की और घुसपैठियों के लिए' सरकार चलाना चाहती है.
पीएम मोदी ने रैली में गरजते हुए कहा, "यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि बंगाल की समृद्ध विरासत और पहचान को बचाने की लड़ाई है. आज बंगाल को अपनी ही पहचान खोने का डर सता रहा है." उन्होंने टीएमसी के रास्ते को बेहद खतरनाक बताते हुए कहा कि यह सरकार बंगाल के मूल निवासियों के धर्म, भाषा और रीति-रिवाजों की रक्षा करने के बजाय, केवल घुसपैठियों के हितों को साधने में लगी हुई है.
पीएम मोदी ने राज्य में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी टीएमसी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में आम जनता की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है और राज्य में उगाही और जबरन वसूली का सिंडिकेट चल रहा है. उन्होंने जनता से कहा, "अगर किसी को अपना घर भी बनाना हो, तो उसे टीएमसी के गठबंधन पर निर्भर रहना पड़ता है. टीएमसी के सांसदों और विधायकों को आपकी समस्याओं की कोई परवाह नहीं है; वे तो बस अपनी जेबें भरने में व्यस्त हैं."