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तमिलनाडु में चला 'थलपति' विजय का सिक्का, लेकिन बहुमत से रह गए दूर, कैसे सजेगा सत्ता का ताज?

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटों पर बढ़त बनाकर सबको चौंका दिया है. हालांकि, 118 के जादुई आंकड़े से 10 सीट दूर होने के कारण सरकार गठन के लिए गठबंधन और दल-बदल कानून की चुनौतियां बरकरार हैं.

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तमिलनाडु में चला 'थलपति' विजय का सिक्का, लेकिन बहुमत से रह गए दूर, कैसे सजेगा सत्ता का ताज?
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के ताजा रुझानों ने न केवल राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान किया है, बल्कि राज्य की दशकों पुरानी पारंपरिक राजनीति की जड़ें भी हिला दी हैं. अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने तमाम एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणियों को धत्ता बताते हुए एकतरफा बढ़त हासिल कर ली है. हालांकि, इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व प्रदर्शन के बावजूद सत्ता के शिखर तक पहुंचने के लिए आवश्यक 'जादुई आंकड़े' की बाधा पार करना विजय के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है.

तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 118 सीटों की आवश्यकता होती है. मौजूदा रुझानों के मुताबिक, विजय की TVK फिलहाल 108 सीटों पर आगे चल रही है. अगर ये रुझान अंतिम नतीजों में तब्दील होते हैं, तो पार्टी बहुमत के आंकड़े से ठीक 10 सीट पीछे रह जाएगी. स्थिति तब और जटिल हो जाती है जब हम देखते हैं कि 'अन्य' के खाते में एक भी सीट नहीं गई है. ऐसे में TVK के लिए सरकार गठन हेतु आवश्यक विधायकों का समर्थन जुटाना किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है.

दल-बदल कानून और छोटे दलों का रुख 

राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा पेंच व्यक्तिगत विधायकों के समर्थन को लेकर फंस रहा है. यदि TVK दूसरे दलों के विधायकों को अपनी ओर खींचने की कोशिश करती है, तो उन पर सख्त 'दल-बदल विरोधी कानून' लागू हो सकता है, जिससे सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़े हो जाएंगे. अब सबकी नजरें द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) जैसे प्रमुख द्रविड़ गठबंधनों में शामिल छोटे दलों पर टिकी हैं. चर्चा है कि यदि ये छोटे दल सामूहिक रूप से विजय को समर्थन देने का फैसला करते हैं, तो राज्य में दशकों बाद किसी 'तीसरे मोर्चे' की सरकार का सपना साकार हो सकता है.

15 साल की जमीनी तैयारी का मिला फल 

विजय की यह राजनीतिक जीत केवल उनके स्टारडम का असर नहीं, बल्कि पिछले 15 साल की जमीनी तैयारी का परिणाम मानी जा रही है. उन्होंने अपने फैन क्लबों को एक अनुशासित राजनीतिक संगठन में तब्दील किया, जिसने इस चुनाव में सुपर स्टार के 'बॉक्स ऑफिस' जादू को चुनावी मशीनों (EVM) पर भी चरितार्थ कर दिखाया है. अब देखना यह है कि 108 के आंकड़े को 118 तक पहुंचाने के लिए 'थलपति' कौन सा रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक चलते हैं.