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Assam Election Result: असम में हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व में मची भगदड़, प्रभारी ने दिया इस्तीफा

असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 102 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल कर लगातार तीसरी बार सत्ता पर कब्जा जमाया है. इस करारी शिकस्त की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

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Assam Election Result: असम में हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व में मची भगदड़, प्रभारी ने दिया इस्तीफा
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: असम की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है. 126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए हुए चुनावों में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने विपक्ष का पूरी तरह से सफाया करते हुए दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है. चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व पर लगातार तीसरी बार अटूट विश्वास जताया है. राजग (NDA) ने कुल 102 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाने का मजबूत दावा पेश किया है.

असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में अपने दम पर शानदार प्रदर्शन किया है. भाजपा अकेले 82 सीटों पर विजयी रही है, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं अधिक है. इसके अलावा, गठबंधन के सहयोगी दलों, बोडो पीपुल्स फ्रंट (BPF) और असम गण परिषद (AGP) ने भी अपनी प्रासंगिकता साबित करते हुए 10-10 सीटों पर कब्जा जमाया है. भाजपा की इस जीत को राज्य में विकास और सांस्कृतिक पहचान के समन्वय की जीत के रूप में देखा जा रहा है.

कांग्रेस के गढ़ ढहे: गौरव गोगोई की हार और जितेंद्र सिंह का इस्तीफा 

विपक्षी खेमे के लिए ये नतीजे किसी बड़े राजनीतिक भूकंप से कम नहीं हैं. कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी में आंतरिक कलह और जवाबदेही का दौर शुरू हो गया है. असम के कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. सबसे बड़ा उलटफेर जोरहाट सीट पर देखने को मिला, जहां कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को भाजपा के वरिष्ठ नेता हितेंद्रनाथ गोस्वामी ने 23,181 मतों के अंतर से पराजित कर दिया. कांग्रेस केवल 15 सीटें जीत पाई है और 4 सीटों पर आगे चल रही है, जो उसकी घटती राजनीतिक पकड़ का संकेत है.

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें असम का 'जननायक' क्यों कहा जाता है. जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र से उन्होंने कांग्रेस की उम्मीदवार बिदिशा नियोग को 89,434 मतों के विशाल अंतर से हराकर लगातार छठी बार विधानसभा में अपनी जगह पक्की की है. उनके नेतृत्व में भाजपा के कई दिग्गज मंत्रियों ने भी शानदार जीत दर्ज की है, जिनमें अजंता नियोग (गोलाघाट), रानोज पेगु (धेमाजी), पीजूष हजारिका (जागीरोड), कौशिक राय (लखीपुर), प्रशांत फूकन (डिब्रूगढ़), कृष्णेंदु पॉल (पाथरकांडी) और बिमल बोरा (तिंगखोंग) शामिल हैं.

विपक्ष और क्षेत्रीय दलों की स्थिति 

अन्य दलों की बात करें तो बदरुद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ (AIUDF) और अखिल गोगोई की रायजोर दल को केवल दो-दो सीटें ही मिल सकी हैं. हालांकि, अखिल गोगोई अपनी सिबसागर सीट बचाने में सफल रहे. विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने तामुलपुर सीट पर यूपीपीएल (UPPL) के प्रमोद बरो को हराकर अपनी जीत दर्ज की. तृणमूल कांग्रेस (TMC) को भी मंडिया सीट से शेरमन अली अहमद की जीत के रूप में एक सीट हासिल हुई है. वहीं, देवव्रत सैकिया, लुरिनज्योति सैकिया और रिपुन बोरा जैसे कद्दावर चेहरों को हार का मुंह देखना पड़ा है, जिससे असम में विपक्ष का भविष्य संकट में नजर आ रहा है.