ट्रेन के 'सुहागरात कोच' पर चढ़ा नेटिजन्स का पारा, वायरल वीडियो पर अब रेलवे ने दी सफाई

सोशल मीडिया पर 1एसी ट्रेन केबिन को सुहागरात की तरह सजाने का वीडियो वायरल है. इसे लेकर उठे सवालों पर रेलवे ने स्पष्ट किया कि यात्री अपने आरक्षित केबिन को अपनी पसंद से सजा सकते हैं, यदि कोई नियम या सुरक्षा मानक नहीं टूटता.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. वीडियो में ट्रेन के 1एसी के एक निजी केबिन को फूलों, गुब्बारों और सजावटी लाइटों से इस तरह सजाया गया है कि वह किसी हनीमून सुइट जैसा दिखाई देता है. वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच यह बहस शुरू हो गई कि क्या भारतीय रेल के डिब्बे के भीतर इस तरह की सजावट की अनुमति है. अब इस पूरे मामले पर रेलवे ने अपनी स्थिति साफ कर दी है.

ट्रेन के 1एसी कोच के एक निजी केबिन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है. वीडियो में पूरा केबिन रंगीन गुब्बारों, गुलाब के फूलों, पंखुड़ियों और छोटी सजावटी लाइटों से सजा नजर आता है. बर्थ पर फूलों से दिल का आकार बनाया गया है, जबकि दीवार पर 'I Love You' भी लिखा दिखाई देता है. पहली नजर में यह किसी होटल के हनीमून रूम जैसा लगता है.


सरप्राइज के लिए की गई थी पूरी तैयारी

जानकारी के अनुसार, यह सजावट एक यात्री ने अपने जीवनसाथी को खास सरप्राइज देने के लिए की थी. केबिन को पूरी तरह निजी अंदाज में सजाया गया, जिससे यात्रा को यादगार बनाया जा सके. वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने इस अनोखे प्रयास की सराहना की. वहीं कुछ लोगों ने इसे रेलवे की व्यवस्था और सुरक्षा से जोड़कर सवाल भी उठाए.

सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस

वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने भारतीय रेल और रेल मंत्री को टैग करते हुए पूछा कि क्या ट्रेन के अंदर इस तरह की सजावट की अनुमति है. कुछ लोगों का कहना था कि अतिरिक्त सजावट से सुरक्षा संबंधी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं. दूसरी ओर, कई लोगों ने इसे निजी खुशी का हिस्सा बताते हुए कहा कि यदि किसी को असुविधा नहीं हो रही, तो इसमें आपत्ति की कोई वजह नहीं है.

रेलवे ने क्या दी सफाई

रेलवे की ओर से साफ किया गया कि 1एसी का निजी केबिन पूरी तरह संबंधित यात्री के लिए आरक्षित होता है. यदि कोई यात्री अपने खर्च पर केबिन को अपनी सुविधा या खुशी के अनुसार सजाता है और इससे किसी नियम, सुरक्षा व्यवस्था या दूसरे यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होती, तो इसमें रेलवे की कोई भूमिका नहीं होती. इसे नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाता.

प्राइवेसी के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी

रेलवे का कहना है कि निजी केबिन यात्रियों को आराम और गोपनीयता देने के उद्देश्य से बनाए गए हैं. ऐसे में यात्री अपने केबिन को सीमित और सुरक्षित तरीके से अपनी पसंद के अनुसार सजा सकते हैं. हालांकि, यह भी जरूरी है कि सजावट से आग, बिजली या किसी अन्य सुरक्षा जोखिम की स्थिति पैदा न हो. इसलिए यात्रियों को अपनी सुविधा के साथ जिम्मेदारी का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए.