IPL 2026

आगे-आगे बाबा, पीछे-पीछे कूलर...! 11 साल बाद जेल से बाहर आने पर दिखा संत रामपाल का VIP स्वैग; देखें वीडियो

11 साल से ज्यादा समय जेल में रहने के बाद बाहर आए संत रामपाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में उनके पीछे चलते बड़े-बड़े कूलर दिखाई दे रहे हैं. चलिए जानते हैं क्या आई लोगों की प्रतिक्रिया.

@harishdivekar1 x account
Km Jaya

नई दिल्ली: चर्चित धार्मिक गुरु संत रामपाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह उनका कोई बयान नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो है. वीडियो में संत रामपाल के पीछे चलते बड़े-बड़े मूविंग कूलर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. इंटरनेट पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

बताया जा रहा है कि संत रामपाल करीब 11 साल 4 महीने और 24 दिन जेल में रहने के बाद हाल ही में बाहर आए हैं. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वह आराम से चलते नजर आ रहे हैं, जबकि भीषण गर्मी से बचाने के लिए बड़े आकार के कूलर उनके पीछे-पीछे चलाए जा रहे हैं. वीडियो को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स इसे शाही स्वैग और वीआईपी ट्रीटमेंट बता रहे हैं.

लोगों ने क्या दी प्रतिक्रिया?

वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर मजेदार कमेंट्स की बाढ़ आ गई. एक यूजर ने लिखा कि आम आदमी के लिए एक कमरे से दूसरे कमरे तक कूलर ले जाना मुश्किल होता है, लेकिन यहां बाबा के पीछे चलते कूलर दिखाई दे रहे हैं. वहीं एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि गर्मी भी बाबा तक पहुंचने से पहले हार मान गई.

हालांकि संत रामपाल के समर्थक इस वीडियो को लेकर अलग राय रख रहे हैं. उनका कहना है कि लोगों को सिर्फ वीडियो और कूलर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन बाबा द्वारा गरीबों और किसानों के लिए किए गए कामों की चर्चा नहीं हो रही. समर्थकों का दावा है कि संत रामपाल के प्रति लोगों की आस्था लगातार बनी हुई है.

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि 78 वर्षीय संत रामपाल को वर्ष 2014 में हरियाणा के बरवाला कांड के बाद गिरफ्तार किया गया था. उस समय पुलिस और उनके समर्थकों के बीच बड़ा टकराव हुआ था, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया. इसके बाद से वह हिसार जेल में बंद थे. हाल ही में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए उन्हें जमानत दे दी.

कोर्ट ने जमानत देते समय यह भी निर्देश दिया है कि बाहर आने के बाद किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा न की जाए और कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए. इसके बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने एक नई बहस छेड़ दी है. कुछ लोग इसे दिखावा बता रहे हैं तो कुछ इसे संत के प्रति श्रद्धा से जोड़ रहे हैं.