Rajasthan Crime News: राजस्थान में फर्जी सोशल मीडिया ऐड के जरिए ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दरअसल, आरोपी सोशल मीडिया ऐड के जरिए प्रेग्नेंट करने पर 25 लाख रुपये देने का दावा करते थे. इसके बदले वे रजिस्ट्रेशन या अन्य चार्ज के रूप में 550 रुपये की डिमांड करते थे, जो इच्छुक को सीधे बैंक अकाउंट में जमा करने होते थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकतर लोगों ने ये सोचकर पैसे बैंक अकाउंट में जमा कर दिए कि ये छोटी अमाउंट है और इसके बदले बड़ी रकम मिल रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मामला डीग जिले के मेवात इलाके का है. पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लोगों से ऐसे फेक विज्ञापनों से सतर्क रहने की सलाह दी है. राजस्थान पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया ऐड में कुछ लड़कियां दिख रही थीं, जो कहती थी कि अगर कोई उन्हें प्रेग्नेंट कर देगा, तो इसके बदले में वे उन्हें 25 से 30 लाख रुपये देंगी. जब कोई इच्छुक इस संबंध में संपर्क करता था, तो उनसे चार्ज के रूप में 550 रुपये की डिमांड की जाती थी. इस तरह कई लोगों ने फर्जी ऐड को देखकर 550 रुपये बैंक अकाउंट में जमा करा चुके हैं.
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से एटीएम कार्ड, फर्जी सिमकार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं. पुलिस के मुताबिक, 'ऑपरेशन एंटीवायरस' के तहत चलाए जा रहे अभियान के दौरान गोपालगढ़ थाना के जांगली गांव के पास तीन युवक पुलिस को देख भागते दिखे. जब पुलिस ने इन्हें पकड़ा तो इनके पास से एटीएम कार्ड, सिमकार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए. पूछताछ में पता चला कि ये सोशल मीडिया पर युवतियों के जरिए फर्जी ऐड देते थे. इसमें लड़कियों को प्रेग्नेंट करने पर 25 से 30 लाख रुपये देने का लालच दिया जाता था. जब कोई इंट्रेस्टेड होता था, तो उससे चार्ज के नाम पर 550 रुपये वसूले जाते थे.
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों में जांगली के रहने वाले राजू, कन्होर के रहने वाले राहिल और बक्सुका के रहने वाले खालिद शामिल है. फिलहाल, इनसे जानकारी जुटाई जा रही है कि इन्होंने कितने लोगों से अब तक कितने रुपये की ठगी की है.साथ ही इनका गिरोह कहां-कहां एक्टिव है.
भरतपुर रेंज पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी पूरे प्रदेश समेत देशभर में नए-नए तरीकों के जरिए ठगी कर रहे हैं. इस सिलसिले में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए 'ऑपरेशन एंटीवायरस' चलाया है. पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी सोशल मीडिया के जरिए तो कभी सेक्सटॉर्शन के नाम पर तो कभी फर्जी पुलिस या जांच अधिकारी बनकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. ऐसे मामलों को देखते हुए सोशल मीडिया यूजर्स से सतर्क रहने की अपील की जाती है.