मुंबई में मानसून ने एंट्री ले ली है. सोमवार रात से शुरू हुई तेज बारिश मंगलवार तक जारी रही, जिससे महानगर के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ. लगातार हो रही वर्षा के चलते कई सड़कें पानी में डूब गईं और वाहन चालकों को लंबी जाम की समस्या से जूझना पड़ा.
बारिश का सबसे अधिक असर शहर के निचले इलाकों में देखने को मिला. कुछ हिस्सों में सड़कों पर पानी भर गया. कई जगहों पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और वाहन पानी के बीच से गुजरते दिखाई दिए.
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी उपनगरों में 190 मिमी और पूर्वी उपनगरों में 154 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पूरे शहर में औसतन 184 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. लगातार बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है. हालांकि इस बार मानसून देर से पहुंचा है, लेकिन यह अब तक का सबसे विलंबित आगमन नहीं है. वर्ष 2023 में मानसून 25 जून को मुंबई पहुंचा था, जबकि 1958 और 1974 में इसकी शुरुआत 28 जून को दर्ज की गई थी.
Visuals from Saki Naka metro station
— Weatherman Shubham (@shubhamtorres09) June 23, 2026
Zomato weather station in Kandivali East recorded 140mm rainfall since 11pm
Video from Ashwary Chaudhary Ji#Mumbairains pic.twitter.com/XvzAou08g9
Recently we’ve been watching many @mybmc corporators videos with Singham-type music in background, like they are transforming Mumbai. First rain, and here’s King Circle Gandhi Market for you! #MumbaiRains pic.twitter.com/gmRnyRBver
— Saurabh Shah (@shahsa2003) June 24, 2026
पिछले कई सप्ताह से मुंबई के लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान थे. मानसून की पहली जोरदार बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है. तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. हालांकि राहत के साथ कुछ परेशानियां भी आई हैं.
कई मुख्य मार्गों पर यातायात की गति धीमी रही और दफ्तर जाने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लगाना पड़ा. बावजूद इसके, सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर बारिश का बड़ा असर नहीं पड़ा. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है. प्रशासन ने निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है.