पंजाब के लिए गर्व का एक विशेष अवसर तब सामने आया, जब डेरा सचखंड बल्लन के प्रमुख संत निरंजनदास जी को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र में उनके लंबे समय से किए जा रहे योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान पूरे प्रदेश के लिए सम्मान की बात मानी जा रही है. राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संत निरंजनदास जी को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया. यह सम्मान उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से समाज और देश के विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई हो.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर संत निरंजनदास जी को बधाई और शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के लिए मिला यह सम्मान पूरे पंजाब के लिए गर्व का विषय है. मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की प्रतिष्ठा से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षण बताया.
ਡੇਰਾ ਸੱਚਖੰਡ ਬੱਲਾਂ (ਜਲੰਧਰ) ਦੇ ਮੁਖੀ ਸੰਤ ਨਿਰੰਜਣ ਦਾਸ ਜੀ ਨੂੰ ਅਧਿਆਤਮਿਕਤਾ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਸੇਵਾ ਵਿੱਚ ਪਾਏ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਡਮੁੱਲੇ ਯੋਗਦਾਨ ਲਈ ਮਾਣਯੋਗ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦ੍ਰੋਪਦੀ ਮੁਰਮੂ ਜੀ ਵੱਲੋਂ 'ਪਦਮ ਸ਼੍ਰੀ' ਐਵਾਰਡ ਨਾਲ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) June 24, 2026
ਇਹ ਸਮੁੱਚੇ ਪੰਜਾਬ ਲਈ ਬਹੁਤ ਹੀ ਮਾਣ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਹੈ। ਸੰਤ ਜੀ ਵੱਲੋਂ ਮਾਨਵਤਾ ਦੀ ਭਲਾਈ ਲਈ ਕੀਤੇ… pic.twitter.com/axGwf7iJwY
संत निरंजनदास जी लंबे समय से समाज सेवा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के कार्यों से जुड़े हुए हैं. उनके प्रयासों का उद्देश्य हमेशा मानवता के कल्याण और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना रहा है. पद्मश्री सम्मान उनके इसी समर्पण और सेवा भावना की राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि संत निरंजनदास जी द्वारा मानव कल्याण के लिए किए जा रहे कार्य हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. उनके विचार और सेवाभाव लोगों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और सकारात्मक दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं.
पद्मश्री सम्मान मिलने की खबर के बाद संत निरंजनदास जी के अनुयायियों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है. इसे केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पंजाब की आध्यात्मिक और सामाजिक परंपरा का सम्मान भी माना जा रहा है. विभिन्न वर्गों के लोगों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है.
देश के प्रमुख नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री प्राप्त करना किसी भी व्यक्तित्व के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है. संत निरंजनदास जी को मिला यह सम्मान उनके वर्षों के सेवा, समर्पण और सामाजिक योगदान की पहचान है. इससे न केवल पंजाब का गौरव बढ़ा है, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को भी नई प्रेरणा मिली है.