menu-icon
India Daily

एलियन हैं या नहीं? 30 अक्टूबर को दुनिया के सामने आएगा सच, वैज्ञानिकों ने किया ये बड़ा दावा

मानव सरीखी उन्नत सभ्यता और संस्कृति केवल धरती पर है या ब्रह्मांड में कही और ऐसी ही सभ्यता विकसित है? मतलब ये कि क्या सचमुच एलियन होते हैं? इसका जवाब जल्द ही वैज्ञानिकों को मिल सकता है.

Kanhaiya Kumar Jha
एलियन हैं या नहीं? 30 अक्टूबर को दुनिया के सामने आएगा सच, वैज्ञानिकों ने किया ये बड़ा दावा
Courtesy: Gemini AI

नई दिल्ली: क्या ब्रह्मांड में जीवन सिर्फ पृथ्वी तक सीमित है? यह एक ऐसा सवाल है, जो सदियों से वैज्ञानिकों और आम लोगों, दोनों को रोमांचित करता आया है. अब इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद जताई जा रही है. प्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी डॉ. मिचियो काकू का दावा है कि आने वाले कुछ ही दिनों में, 29 या 30 अक्टूबर 2025 को इस प्रश्न का एक संभावित जवाब सामने आ सकता है.

दरअसल, इन तारीखों पर 3I/ATLAS नामक एक रहस्यमय अंतरिक्षीय वस्तु सूर्य के सबसे करीब से होकर गुजरेगी. वैज्ञानिक इस मौके का इस्तेमाल यह जानने के लिए करेंगे कि यह वस्तु केवल एक प्राकृतिक अंतरिक्षीय चट्टान है या किसी उन्नत सभ्यता की बनायी हुई कृत्रिम वस्तु.

दो हिस्सों में बंटा हुआ है वैज्ञानिक समुदाय

डॉ. काकू, जो सिटी कॉलेज ऑफ न्यूयॉर्क में प्रोफेसर हैं और 'क्वांटम सुप्रीमेसी' जैसी प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक हैं, ने एक इंटरव्यू में बताया कि इस विषय पर वैज्ञानिक समुदाय दो हिस्सों में बंटा हुआ है. उन्होंने कहा कि अधिकांश खगोलविदों का मानना है कि 3I/ATLAS हमारे सौर मंडल से गुजरने वाली एक साधारण चट्टान है, लेकिन कुछ शोधकर्ताओं का तर्क है कि इसका व्यवहार पूरी तरह सामान्य नहीं है. यह संभव है कि यह किसी उन्नत बुद्धिमत्ता द्वारा निर्देशित हो.

मैनहैटन द्वीप के आकार जितनी बड़ी है ये वस्तु 

अनुमान के मुताबिक यह वस्तु मैनहैटन द्वीप के आकार जितनी बड़ी है. जब यह पेरिहेलियन यानी सूर्य के सबसे नजदीकी बिंदु से गुजरेगी, तो खगोलविद बारीकी से इसकी गति और ऊर्जा परिवर्तन पर नज़र रखेंगे.

ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत को मिलेगी चुनौती

डॉ. काकू ने समझाया कि अगर यह वस्तु सूर्य के चारों ओर घूमते हुए अचानक गति बढ़ाती है या अतिरिक्त ऊर्जा प्राप्त करती है, तो यह ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत को चुनौती देगा. उन्होंने कहा कि ऐसे में यह संकेत हो सकता है कि कोई तकनीक या प्रणोदन प्रणाली (propulsion system) इसमें काम कर रही है, जो मानव निर्मित नहीं है.

मानव इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है ये खोज

अगर ऐसा हुआ, तो यह खोज मानव इतिहास की सबसे बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धियों में से एक साबित हो सकती है. इसका मतलब होगा कि हम ब्रह्मांड में अकेले नहीं हैं. 3I/ATLAS के रहस्य से पर्दा उठने के साथ ही मानवता शायद पहली बार किसी दूसरी सभ्यता के अस्तित्व के ठोस प्रमाण के सामने होगी. एक ऐसा पल, जो हमारी कॉस्मिक समझ और अस्तित्व की परिभाषा को हमेशा के लिए बदल सकता है.