Gurugram Rain Viral Video: गुरुग्राम में हाल ही में भारी बारिश हुई, जिसके कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया. कुछ इलाकों में तो बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. सोशल मीडिया पर गजोधर सिंह के नाम के एक यूजर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया. वीडियो में यूजर ने दावा किया कि बारिश के पानी में उनकी लग्जरी गाड़ियां आंशिक रूप से डूब गईं, जिसमें BMW और मर्सिडीज़ शामिल है.
अपने पोस्ट में, गजोधर सिंह ने दावा किया कि शहर में हुई बारिश के बाद उनकी महंगी कारें बारिश में डूबकर बेकार हो गईं. उन्होंने गुरुग्राम के अधिकारियों से भी सवाल किया. पोस्ट के कैप्शन में यूजर ने लिखा कि ये मुंबई या बेंगलुरु नहीं है, देश की मेट्रो सिटी गुरुग्राम (गुड़गांव) में आपका स्वागत है.
गजोधर सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि मैं अपने टैक्स भरता हूं, बिल भरता हूं और एक दिन सुबह उठकर देखता हूं कि मेरा घर, मेरी BMW, मर्सिडीज़, i20 सब बेकार हो गई है. अभी तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी स्थिति को देखने या फिर ठीक करने के लिए नहीं आया है और मैं बहुत टूटा हुआ महसूस कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि जब मैंने बारिश के पानी से गाड़ियों को निकालने के लिए क्रेन वालों को फोन किया, तो वे भी नहीं आए.
यूजर ने दो दिन पहले ही यह वीडियो शेयर किया था. तब से अब तक इसे 3 मिलियन से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. एक यूज़र ने लिखा कि ये बहुत शर्मनाक है और सरकार चाहती है कि लोग खुशी-खुशी भारी टैक्स चुकाएं, ताकि बाढ़ की चपेट में आ जाएं. ये बिल्कुल मज़ाक है.
एक अन्य यूजर ने लिखा कि ये सिर्फ़ आपके रहने की जगह की बात नहीं है, यह पूरे भारत की बात है. वे वोट पाने और कर वसूलने में माहिर हैं, लेकिन जब अपना काम करने की बारी आती है, तो वे गायब हो जाते हैं. भारत में शासन इसी तरह चलता है.
एक अन्य यूजर ने कहा कि फैक्ट ये है कि वह (जिसकी कार डूबी) शांत रहने और स्थिति को पेशेवर तरीके से संभालने की कोशिश कर रहे हैं... उनके प्रति उनका बहुत सम्मान है. एक अन्य ने गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर को टैग करते हुए लिखा कि क्या ये वो हालात हैं जिनमें हमें रहना चाहिए, जबकि यह इतना डेवलप शहर है? पानी निकलने की व्यवस्था न के बराबर है और यह यहां की बुनियादी चीजों में से एक है... इतना ही नहीं, सड़कें इतनी खराब हैं और ये सब चीजें टैक्स चुकाने के बावजूद हैं.
एक इंस्टाग्राम यूजर ने कमेंट किया कि हां, मुझे लगता है कि हम इसके लायक हैं, हम सड़कों पर कचरा फेंकते हैं, नालियों को जाम करते हैं, नगरपालिका मानसून से पहले नालियों की सफाई में कोई दिलचस्पी नहीं लेती है. हम और क्या उम्मीद कर सकते हैं.