तेज दर्द होने पर हॉस्पिटल पहुंचा युवक, डॉक्टरों को पेट के अंदर मिला 100 साल पुराना तोप का गोला; तुरंत खाली करानी पड़ी बिल्डिंग

सर्जनों ने बहुत सावधानी के साथ युवक की आपातकालीन सर्जरी की. जांच के बाद बम निरोधक विशेषज्ञों ने बताया कि गोला नुकीला जरूर था, लेकिन उससे तत्काल विस्फोट का खतरा नहीं था.

Grok
Anuj

नई दिल्ली: फ्रांस में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 24 साल का युवक पेट में तेज दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा. युवक की हालत गंभीर थी, इसलिए डॉक्टरों ने बिना देर किए उसका इलाज शुरू कर दिया. शुरुआत में यह सामान्य पेट दर्द का मामला लग रहा था, लेकिन जैसे ही जांच आगे बढ़ी, डॉक्टरों के होश उड़ गए.

स्कैन और अन्य जांच के दौरान डॉक्टरों को युवक के शरीर के अंदर एक बड़ी धातु की वस्तु दिखाई दी. जब इसे ध्यान से देखा गया तो पता चला कि यह कोई साधारण चीज नहीं, बल्कि प्रथम विश्व युद्ध के समय का एक तोप का गोला है. यह गोला करीब 8 इंच लंबा था और युवक के पेट के निचले हिस्से में फंसा हुआ था.

अस्पताल को कराया गया खाली

जैसे ही यह साफ हुआ कि युवक के शरीर में जिंदा बम हो सकता है, अस्पताल प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे अस्पताल को खाली करा दिया गया. बम निरोधक दस्ता और दमकल विभाग को भी मौके पर बुलाया गया. अस्पताल के आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया गया ताकि किसी भी तरह का खतरा न हो.

सफल सर्जरी, टला बड़ा हादसा

सर्जनों ने बहुत सावधानी के साथ युवक की आपातकालीन सर्जरी की. जांच के बाद बम निरोधक विशेषज्ञों ने बताया कि गोला नुकीला जरूर था, लेकिन उससे तत्काल विस्फोट का खतरा नहीं था. गोले को सुरक्षित तरीके से अस्पताल से बाहर ले जाया गया. युवक की हालत अब स्थिर है. 

गोला शरीर के अंदर कैसे पहुंचा?

अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि युवक के शरीर में यह तोप का गोला कैसे पहुंचा. पुलिस इस मामले में युवक से पूछताछ कर सकती है और अवैध रूप से गोला-बारूद रखने के आरोप में कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है.

'आयरन हार्वेस्ट' क्या है?

यह गोला प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस्तेमाल किया गया था. ऐसे बिना फटे गोले आज भी यूरोप में खेतों और निर्माण स्थलों पर मिल जाते हैं, जिन्हें 'आयरन हार्वेस्ट' कहा जाता है. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पुराने युद्धों के अवशेष आज भी कितना बड़ा खतरा बन सकते हैं.