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लड़की बनने की चाहत में घर पर ही कर डाला गुप्तांगों का ऑपरेशन, खून की निकली धार तो भागा अस्पताल; ऐसे बची जान

युवक ने बताया कि उसे 14 साल की उम्र से इस तरह की फीलिंग होने लगी थी कि जैसे वह लड़की है और खुद ही अपने गुप्तांगों का ऑपरेशन करने से पहले उसने डॉक्टर की सलाह पर एनेस्थीसिया का इस्तेमाल किया लेकिन जब उसका प्रभाव खत्म हुआ तो उसे असहनीय दर्द होने लगा और खून की धार तेज होने लगी जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
लड़की बनने की चाहत में घर पर ही कर डाला गुप्तांगों का ऑपरेशन, खून की निकली धार तो भागा अस्पताल; ऐसे बची जान
Courtesy: x

UP News: देश दुनिया में कभी-कभी ऐसी-ऐसी घटनाएं घटित होती हैं जिन पर विश्वास करना लगभग असंभव हो जाता है. ताजा मामला उत्तर प्रदेश के अमेठी का है जहां एक 20 साल के युवक ने अपने एक परिचित के कहने पर लड़की बनने की चाहत में घर पर ही अपने गुप्तांगों का ऑपरेशन कर डाला. 

पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि शख्स प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और उसने अपने एक परिचित की सलाह पर अपने गुप्तांगों को विकृत कर लिया.

गुप्तांगों से खून की धार निकलने पर वह शख्स तुरंत स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल भागा. अस्पताल के डॉक्टर संतोष ने बताया कि शख्स ने अपने गुप्तांगों को विकृत करने के लिए सर्जरी वाले ब्लेड का इस्तेमाल किया और उसने यह सब कुछ अपने एक परिचित की सलाह पर किया. डॉक्टर ने कहा कि उसके शरीर से काफी खून निकल चुका है लेकिन वह खतरे से बाहर है और उसका इलाज जारी है.

खुद को लड़की समझता था

डॉक्टरों से बातचीत में लड़के ने कहा कि पुरुष का शरीर होते हुए वह खुद को अंदर से लड़की समझता था. डॉ. संतोष ने कहा, 'उसने कहा कि उसकी आवाज, हाव-भाव और चाल-ढाल के कारण वह खुद को लड़की समझता था.'

14 साल की उम्र से आने लगी थी लड़की होने की फीलिंग

युवक ने बताया कि उसे 14 साल की उम्र से इस तरह की फीलिंग होने लगी थी कि जैसे वह लड़की है और खुद ही अपने गुप्तांगों का ऑपरेशन करने से पहले उसने डॉक्टर की सलाह पर एनेस्थीसिया का इस्तेमाल किया लेकिन जब उसका प्रभाव खत्म हुआ तो उसे असहनीय दर्द होने लगा और खून की धार तेज होने लगी जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया.