मोक्ष मार्ग बना मौत का रास्ता? श्रद्धालु की मौत के बाद वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता

तमिलनाडु के अन्नामलैयार मंदिर के मोक्ष मार्ग में श्रद्धालु की मौत के बाद पुराना वीडियो फिर वायरल हुआ है. घटना ने तीर्थ स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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Meenu Singh

तमिलनाडु के प्रसिद्ध अन्नामलैयार मंदिर के पास स्थित संकरे मोक्ष मार्ग में हुई एक श्रद्धालु की मौत के बाद अब वहां की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा का विषय बन गई है. हाल ही में सामने आए एक पुराने वीडियो ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. वीडियो में एक महिला उसी रास्ते में फंसी दिखाई देती है, जिसे बाद में सुरक्षित बाहर निकाला गया था. इस घटना के बाद श्रद्धालु बेहतर सुरक्षा इंतजाम की मांग कर रहे हैं.

आंध्र प्रदेश के श्रद्धालु की गई जान

24 जुलाई को आंध्र प्रदेश के 36 वर्षीय मणिकुमार अरुणाचला पहाड़ी की गिरिवलम यात्रा के दौरान मोक्ष मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. संकरी चट्टानी दरार में फंसने के बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी. स्थानीय लोगों और बचाव दल ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.


पुराने वीडियो ने बढ़ाई चिंता

इस हादसे के बाद कई महीने पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. वीडियो में एक महिला उसी संकरे रास्ते में फंसी हुई दिखाई देती है. वह कई मिनट तक बाहर नहीं निकल पाती, जबकि आसपास मौजूद लोग और बचाव दल उसे निकालने की कोशिश करते हैं. आखिरकार महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

दो समान घटनाओं के सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है. उनका कहना है कि ऐसे संकरे मार्ग पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं. साथ ही भीड़ नियंत्रण, प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और जोखिम वाले लोगों के प्रवेश पर रोक जैसे कदम उठाए जाने चाहिए.

क्या है मोक्ष मार्ग की मान्यता

यह संकरा चट्टानी मार्ग इडुक्कू पिल्लैयार मंदिर के पास स्थित है और गिरिवलम यात्रा का हिस्सा माना जाता है. स्थानीय मान्यता है कि इस रास्ते से गुजरने पर बाधाएं दूर होती हैं और आध्यात्मिक मुक्ति का मार्ग खुलता है. हालांकि यह विश्वास स्थानीय परंपराओं पर आधारित है और स्थापित हिंदू धर्मग्रंथों में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता.

भविष्य में हादसे रोकने की मांग

हालिया घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु चाहते हैं कि धार्मिक आस्था के साथ सुरक्षा को भी समान महत्व दिया जाए. उनका मानना है कि उचित प्रबंधन और सुरक्षा उपायों से भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकता है. इससे श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे और किसी अनहोनी की आशंका भी कम होगी.