Viral News: पेट की भूख मिटाने के लिए इंसान, पशु, पक्षी क्या नहीं करते हैं. बैंकॉक से एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है. यहां एक घर में 28 कुत्ते अपने मरे हुए मालिक का पैर खाकर जिंदा बचने में कामयाब रहे. खलोंग सैम वा जिले में रेस्क्यू डिपार्टमेंट ने 28 कुत्तों को जिंदा बचा लिया. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 62 साल के अट्टापोल चारोएनपिथक की मृत्यु होने के बाद कुत्ते उसकी बाईं टांग चबाकर जीवित रहने में सफल रहे.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के अनुसार, पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने अट्टापोल को कई दिनों से नहीं देखा था. उन्होंने कहा कि अट्टापोल हर रोज अपनी कार से स्थानीय बाजार जाते थे. उन्होंने बताया कि उन्होंने अट्टापोल के घर की घंटी बजाई, लेकिन लाइटें जलने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई. इसकी जानकारी जब पुलिस को दी गई, तब वे वहां पहुंचे. अट्टापोल के घर के हालात देखकर पुलिस दंग रह गई. वहां पुलिस ने घर के मालिक का शव पाया. पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है.
एनिमल वेलफेयर समूहों को अट्टापोल के पशु प्रेम के बारे में जानकारी थी. अट्टापोल कुत्तों और पशुओं को पिंजरों में रखने के लिए मशहूर था. इस वजह से उन पशुओं के बारे में चिंता और अधिक बढ़ गई थी जिन्हें वह अपने घर पर रखता था. अट्टापोल हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटिक पेशेंट था.शख्स की मौत के बाद कुत्ते कई दिन तक उसकी टांग चबाकर जीवित रहे.
पुलिस और पशु कल्याण समूह द वॉयस फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि जब हम वहां पहुंचे तो घर अव्यवस्थित स्थिति में था. हर जगह कूड़ा और कुत्तों का मल बिखरा हुआ था.हमें जानकारी मिली थी कि अट्टापोल के शव के पास लगभग 15 कुत्ते हैं. जब हम अपनी टीम, डॉक्टरों को लेकर वहां पहुंचे तो हमें 2 कुत्तों के शव भी मिले. समूह ने कहा कि उसके घर में 30 कुत्ते थे. दो कुत्तों की मौत उनके पहुंचने से पहले ही हो गई.
साल 2021 में अट्टापोल के कई जानवरों की मौत के बाद द वॉयस फ़ाउंडेशन ने कई कुत्तों को वापस बुला लिया था. हालांकि अट्टापोल के आग्रह के बाद समूह ने उन्हें वापस कर दिया था. इस दौरान उन्होंने समूह से कहा था कि उनकी मौत के बाद कुत्तों को वापस लिया जा सकता है. फाउंडेशन ने कहा कि अगर कोई बचाए गए कुत्तों में से किसी को गोद लेना चाहता है तो वह उससे संपर्क कर सकता है.