अमेरिका में खोजा गया 21 करोड़ साल पुराना दो पैरों वाला रहस्यमयी जीव, डायनासोर जैसा लेकिन...; वैज्ञानिक भी दंग
अमेरिका के एरिजोना में पेट्रिफाइड फॉरेस्ट नेशनल पार्क से मिले जीवाश्मों से वैज्ञानिकों ने एक नई प्रजाति Sonselasuchus cedrus की खोज की है. यह लगभग 21.5 करोड़ साल पुराना शुवोसॉरिड सरीसृप था, जो छोटे कुत्ते जितना था.
नई दिल्ली: पृथ्वी के इतिहास में छिपे रहस्यों को बार बार उजागर कर रहे वैज्ञानिकों ने अब एक और हैरान करने वाली खोज की है. अमेरिका के एरिजोना राज्य में पेट्रिफाइड फॉरेस्ट नेशनल पार्क से निकाले गए जीवाश्मों से एक अनोखी प्राचीन प्रजाति सामने आई है, जो डायनासोर जैसी दिखती है लेकिन असल में मगरमच्छों के पूर्वजों से जुड़ी है. यह जीव लेट ट्रायसिक काल का है और इसका नाम Sonselasuchus cedrus रखा गया है. 2014 से चल रही खुदाई में हजारों हड्डियां मिलीं, जिनसे पता चला कि यह जीव उम्र के साथ अपना चलना फिरना बदल लेता था. यह खोज विकासवाद की नई परत खोल रही है.
एरिजोना के पार्क से मिली अनमोल खोज
पेट्रिफाइड फॉरेस्ट नेशनल पार्क जीवाश्मों का खजाना है, जहां पत्थर बने पेड़ों के साथ प्राचीन जीवों के अवशेष भी भरपूर हैं. वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी और बर्क म्यूजियम के वैज्ञानिकों ने 2014 से यहां खुदाई की, जिसमें 3000 से ज्यादा जीवाश्म निकले. इनमें से 950 Sonselasuchus cedrus के हैं, जो कम से कम 36 व्यक्तियों के हैं. यह खोज Chinle Formation की Sonsela Member से हुई है, जो ट्रायसिक काल की कहानी बयां करती है.
कुत्ते जितना छोटा, लेकिन दो पैरों पर चलने वाला
Sonselasuchus cedrus का आकार एक छोटे पूडल कुत्ते जैसा था-ऊंचाई करीब 25 इंच. युवावस्था में इसके आगे और पीछे के पैर बराबर थे, इसलिए चार पैरों पर चलता था. लेकिन बड़ा होने पर पिछले पैर लंबे और मजबूत हो जाते थे, जिससे यह दो पैरों पर खड़ा होकर तेजी से चलने लगता था. यह बदलाव इसे ऑस्ट्रिच जैसा या ओरनिथोमिमिड डायनासोर जैसा बनाता था, जो उस समय के पर्यावरण में फायदेमंद रहा होगा.
शरीर की खास बनावट और विकास का सुराग
इस सरीसृप के मुंह में दांत नहीं थे, बल्कि चोंच जैसी संरचना थी. आंखों के सॉकेट बड़े थे, जो तेज नजर का संकेत देते हैं. हड्डियां अंदर से खोखली थीं, जिससे शरीर हल्का रहता था. 950 जीवाश्मों के अध्ययन से वैज्ञानिकों को विकास की प्रक्रिया समझ आई-कैसे उम्र के साथ शारीरिक बदलाव आते हैं. यह शुवोसॉरिड समूह का हिस्सा था, जो डायनासोरों से अलग लेकिन दिखावट में समान था.
डायनासोर जैसी समानता का राज
वैज्ञानिकों का कहना है कि Sonselasuchus cedrus डायनासोर जैसा दिखता था क्योंकि अलग अलग प्रजातियां एक जैसे वातावरण में रहकर समान विशेषताएं विकसित कर लेती हैं-इसे convergent evolution कहते हैं. ट्रायसिक काल में यह जंगलों में रहता था, जहां तेज दौड़ना जरूरी था. यह खोज बताती है कि मगरमच्छ वंश के पूर्वज कितने विविध थे और डायनासोरों के साथ कैसे सह अस्तित्व में रहे.
वैज्ञानिकों के लिए नई उम्मीदें
यह नई प्रजाति प्राचीन सरीसृपों के विकास पर रोशनी डाल रही है. खुदाई अभी भी जारी है और ज्यादा जीवाश्म मिलने की संभावना है. Sonselasuchus cedrus की खोज से पता चलता है कि ट्रायसिक काल कितना रोचक था जब डायनासोरों के साथ ऐसे 'वीरड' जीव भी मौजूद थे. भविष्य में इससे और गहरी समझ मिलेगी कि कैसे जीवन ने अलग अलग रास्ते चुने.
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