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क्या बला है मंकी पॉक्स, जिसकी वजह से एयरपोर्ट-बॉर्डर पर है अलर्ट?

मंकी पॉक्स के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे हैं. भारत में भी इस बीमारी का खतरा बढ़ रहा है. इसकी वजह से एयरपोर्ट पर जरूरी सुविधाओं को बढ़ा दिया गया है. अब मरीजों को आइसोलेशन ट्रीटमेंट भी संदिग्ध मामलों में दिया जाएगा.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स को ग्लोबर हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है. देश के कई राज्यों में इसे लेकर दहशत है और एयरपोर्ट पर सख्ती बढ़ाई गई है. स्वास्थ्य सेवा के संयुक्त निदेशक डॉ. राधाकृष्णन पवार ने कहा है कि अगर मंकीपॉक्स का सिर्फ एक केस भी मिले तो इसे मंकीपॉक्स का आउटब्रेक माना जाएगा. हर केस की जांच रैपिड रेस्पॉन्स टीम जांच करे.

संदिग्ध लोगों की जांच कराई जाएगी. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) पुणे में सैंपल भेजा जाएंगे. हर व्यक्ति का सर्वे जरूरी है. जो लोग मरीजों के संपर्क में आए हैं, उनकी भी जांच होनी चाहिए, तभी इसे काबू में पाया जा सकता है.

परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय ने रविवार को मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों पर एक बैठक बुलाई थी, जिसके बाद राज्यों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया था. स्थानीय निकालयों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं. राज्यों को गंभीरता से इन आदेशों के पालन के निर्देश दिए गए हैं.