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ई-श्रम और लेबर कार्ड में है जमीन-आसमान का अंतर, जानें कौन हैं इसके पात्र और क्या मिलती हैं सुविधाएं?

International Labour Day 2024: हर साल 1 मई को इंटरनेशनल लेबर डे सेलिब्रेट किया जाता है. ये दिन मजदूरों की एकता, सम्मान और सपोर्ट के लिए मनाया जाता है. भारत में भी मजदूरों और श्रमिकों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लेबर और ई-श्रम कार्ड बनवाए गए हैं. क्या आप जानते हैं ई-श्रम कार्ड और लेबर कार्ड में क्या अंतर है और इसके पात्र कौन लोग हैं. 

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ई-श्रम और लेबर कार्ड में है जमीन-आसमान का अंतर, जानें कौन हैं इसके पात्र और क्या मिलती हैं सुविधाएं?

International Labour Day 2024: 1 मई को हर साल मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है. मजदूरों के हक और उनके सम्मान के लिए पूरी दुनिया में इस दिन कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इस दिन 80 से अधिक देशों में छुट्टी होती है. भारत में भी इस को मजदूरों के लिए सेलिब्रेट किया जाता है. भारत श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा मजदूरों और श्रमिकों के लिए कई योजनाएं चलाई जाती हैं. श्रम विभाग इन योजनाओं को मजदूरों और कामगारों तक पहुंचाने का काम करता है. 

मजदूरों को उनका हक मिले और दूसरा कोई उनका हिस्सा न ले, इसके लिए देश में ई-श्रम कार्ड और लेबर कार्ड बनाए गए हैं. इनके धारकों को मजदूरों से संबंधित सभी योजनाओं के लाभ मिलते हैं. कई लोग लेबर और ई-श्रम कार्ड को एक ही समझने की भूल करते हैं, लेकिन इन दोनों कार्ड्स में जमीन-आसमान का अंतर होता है. आइए जानते हैं कि इन दोनों कार्ड्स में क्या अंतर होता है. 

क्या है लेबर कार्ड और क्या हैं इसके लाभ? 

यह कार्ड सभी प्रकार के श्रमिक चाहें वे असंगठित क्षेत्र से हों या संगठित क्षेत्र से, सभी बनवा सकते हैं. इसमें पीएमएसबीवाई के तहत आकस्मिक बीमा कवर भी मिलता है. इसके साथ ही इसमें योजना की परिपक्वता पर 3000 रुपये मासिक पेंशन भी मिलती है. इसके लिए 18 से 40 वर्ष तक के आवेदकों को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक के बीच में मासिक योगदान देना होता है. वहीं 60 वर्ष के बाद वह पेंशन का हकदार हो जाता है. अगर कोई पात्र ग्राहक इस योजना में शामिल होने के 10 वर्ष से कम की अवधि में इससे बाहर निकलता है तो उसे पूरा पैसा ब्याज समेत वापस कर दिया जाता है. 

ये भी मिलते हैं लाभ

इसके तहत महिला मजदूर या मजदूर की पत्नी को गर्भावस्था के दौरान आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं. इस कार्ड से मजदूरों को उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाती है. वहीं, इस कार्ड से मजदूरों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए भी सहायता मिलती है. इसके साथ उनको अपने स्वयं की शादी के लिए भी सहायता दी जाती है. इसके अलावा भी इस कार्ड से कई लाभ मिलते हैं. 

क्या है ई-श्रम कार्ड

ई-श्रम कार्ड को केवल असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक ही बनवा सकते हैं. इसमें उनको 2 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है. इसके साथ ही पीएम श्रमयोगी मानधन योजना में आवेदन करने से श्रमिकों को 60 साल के बाद प्रतिमाह 3000 की पेंशन मिलेगी. बच्चों की शिक्षा के लिए भी स्कॉलरशिप दी जाएगी. स्वरोजगार योजना के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी.