तपती गर्मी में कूलर भी दे रहा जवाब? कूलिंग बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करें ये 5 रुपये वाली चीज
उत्तर भारत में पारा 40-42 डिग्री पार कर रहा है. ऐसे में कूलर भी ठंडक नहीं दे पा रहा तो टेंशन न लें. सिर्फ बर्फ, नमक और दो-तीन छोटी आदतों से आपका कूलर एसी जैसी ठंडी हवा देने लगेगा.
नई दिल्ली: उत्तर भारत के कई राज्यों में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान 42 डिग्री के पार जा सकता है. तेज धूप और उमस भरी हवा ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. एयर कंडीशनर महंगा पड़ने के कारण ज्यादातर लोग कूलर पर निर्भर हैं, लेकिन कई बार कूलर भी उम्मीद के मुताबिक ठंडक नहीं दे पाता.
ऐसे में कुछ सस्ते और घरेलू तरीकों से कूलर की कूलिंग क्षमता कई गुना बढ़ाई जा सकती है. ये ट्रिक्स न सिर्फ हवा को ठंडी बनाती हैं बल्कि बिजली का भी कम खर्च करती हैं. बिना किसी महंगे उपकरण के आप अपने कूलर को एसी जैसा असरदार बना सकते हैं.
बर्फ और नमक का कमाल
कूलर की टंकी में एक बर्फ का टुकड़ा और 3-4 मुट्ठी नमक डाल दें. नमक बर्फ को धीरे-धीरे पिघलने देता है, जिससे पानी लंबे समय तक ठंडा रहता है. ठंडा पानी पैड्स से गुजरकर कमरे में बर्फ जैसी ठंडी हवा फैलाता है. ये तरीका सबसे तेज और असरदार है.
क्रॉस वेंटिलेशन का सही तरीका
कूलर चलाते समय कमरा पूरी तरह बंद न करें. कूलर वाली खिड़की के सामने दूसरी खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखें. इससे गर्म हवा बाहर निकलेगी और ठंडी हवा पूरे कमरे में घूमेगी. इस क्रॉस वेंटिलेशन से कूलर की ठंडक दोगुनी हो जाती है और उमस भी कम होती है.
पैड्स की सफाई और देखभाल
गंदे या सूखे कूलिंग पैड्स हवा को ठंडा नहीं होने देते. हर 15-20 दिन में पैड्स को अच्छे से साफ करें या बदल लें. पैड्स पर हल्का गीला कपड़ा या जूट की परत लगाने से ठंडक और बढ़ जाती है. कूलर को हमेशा छांव में रखें, सीधी धूप में न रखें.
अतिरिक्त आसान टिप
कूलर की टंकी में ज्यादा पानी न भरें, आधा ही रखें ताकि हवा अच्छे से घूम सके. रात में पंखे को कम स्पीड पर चलाएं और कूलर को उसकी दिशा में रखें. इन छोटी-छोटी आदतों से बिना एसी के भी कमरा ठंडा रहता है.
क्यों काम करती हैं ये ट्रिक्स
ये सभी तरीके प्राकृतिक भौतिकी पर आधारित हैं. ठंडा पानी, सही हवा का प्रवाह और साफ पैड्स मिलकर कूलर को ज्यादा प्रभावी बनाते हैं. गर्मी के इस मौसम में ये सस्ते जुगाड़ न सिर्फ पैसे बचाते हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर हैं.