नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए कुछ नए बदलाव किए हैं. रेलवे ने अपने टिकट बुकिंग और रिफंड नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है. इन नियमों को इसलिए पेश किया गया है, जिससे टिकटों की बड़े पैमाने पर हो रही कालाबाजारी को रोका जा सके. सिर्फ यही, रेलवे ने लोगों के लिए रिफंड पॉलिसी को भी सख्त कर दिया है. यह उन लोगों के लिए है, जो अपने कंफर्म टिकट को कैंसिल करते हैं.
नए नियमों के अनुसार, अगर आप ट्रेन के निर्धारित डिपार्चर टाइम से 8 से कम समय पहले अपना टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा. अगर आप डिपार्चर टाइम से 24 घंटे से 8 घंटे के बीच अपना टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको 50 प्रतिशत पैसा ही रिफंड मिलेगा. अगर यात्रा से 72 घंटे से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल किया जाता है, तो आपको 75 प्रतिशत रिफंड मिलेगा. बता दें कि इससे पहले, यात्री यात्रा से 72 घंटे पहले तक भी अपने टिकट कैंसिल करके पूरा रिफंड पा सकते थे.
इन बदलावों से कैंसिलेशन कम होने और लोगों को ज्यादा टिकट बुक करने से रोकने में मदद मिलेगी. कई बार लोग ज्यादा टिकट बुक कर लेते थे, जिससे वो उन्हें बाद में ज्यादा कीमत पर बेचते थे. रेलवे ने उन लोगों के लिए भी कैंसलेशन प्रोसेस को आसान बना रहा है, जो टिकट ऑफलाइन खरीदते हैं. अब, यात्री देश के किसी भी रेलवे स्टेशन से अपने टिकट कैंसिल कर सकते हैं, चाहे टिकट किसी भी स्टेशन से बुक किया गया हो. यह यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है.
इसके अलावा, यात्रियों को अब अपने टिकट पर छपे डिपार्चर स्टेशन के बाद आने वाले किसी स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की अनुमति होगी. इसके लिए् आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन में एक आसान ऑप्शन जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री जरूरत पड़ने पर आसानी से अपना बोर्डिंग स्टेशन चेंज कर पाएं.
भारतीय रेलवे ने ट्रेन के प्रस्थान से पहले कोच या क्लास अपग्रेड करने की एक नई सुविधा भी दी जा रही है. यात्री अब ट्रेन के निर्धारित डिपार्चर से 30 मिनट पहले तक अपनी एलोटेड कोच को बदल सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आपके पास थर्ड AC का टिकट है, तो सीटें उपलब्ध होने पर आप फर्स्ट AC या सेकंड AC में अपग्रेड कर सकते हैं. यह अपग्रेड रेलवे के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए जल्दी और आसानी से किया जा सकता है.