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दिलवालों की दिल्ली और मायानगरी में रहना आसान नहीं, दुनिया के सबसे महंगे शहरों में हैं शुमार 

दुनिया के जिन टॉप-44 देशों में घरों की कीमतें बढ़ी हैं, उनमें से सबसे ज्यादा कीमतें दिल्ली और मुंबई में बढ़ी हैं. वहीं भारत के आईटी हब बेंगलुरु में घरों की कीमतों में गिरावट आई है. 2022 की तीसरी तिमाही के बाद घरों की कीमतें सबसे तेजी से बढ़ रही हैं. आने वाली कुछ तिमाहियों तक यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है.

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Housing Price Rise
Courtesy: social media

दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में पहले नंबर पर आता है, बावजूद इसके लोगों में दिल्ली में जमीन खरीदने का क्रेज कम नहीं हो रहा है. यही वजह है कि यहां प्रॉपर्टी के रेट साल दर साल नए कीर्तिमान बना रहे हैं. नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी-मार्च 2024 की अवधि के दौरान घरों की कीमतों में वृद्धि के मामले में दुनिया के टॉप 44 देशों में मुंबई तीसरे और दिल्ली पांचवें स्थान पर रहा है जबकि पिछले साल समान अवधि में मुंबई 6ठें और दिल्ली 17वें स्थान पर था.

मनीला में प्रॉपर्टी के रेट सबसे ज्यादा

घरों की कीमतों में वृद्धि के मामले में मनीला पहले स्थान पर है. मनीला में घरों की कीमतों में सालाना 26.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. वहीं टोक्यो 12.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर है. 'प्राइम ग्लोबल सिटीज इंडेक्स  Q1 2024' नाम की अपनी रिपोर्ट में रियल एस्टेट कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक ने कहा मुंबई में जनवरी-मार्ट 2024 में प्राइम आवासीय कीमतों में साल दर साल 11.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है.

दिल्ली में घरों की कीमतों में सालाना 10.5 प्रतिशत की वृद्धि

वहीं दिल्ली पिछले साल के 17वें स्थान से बढ़कर 5वें स्थान पर आ गया है. दिल्ली में घरों की कीमतों में सालाना आधार पर 10.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है.

बेंगलुरु में घंटी कीमतें
हालांकि भारत के आईटी हब बेंगलुरु में 2024 की पहली तिमाही में घरों की कीमतों में गिरावट दर्ज हुई है. कीमतों की वृद्धि के मामले में बेंगलुरु पिछले साल समान अवधि में 16वें स्थान के मुकाबले खिसककर 17वें स्थान पर आ गया है. बेंगलुरु में घरों की कीमतों में सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है.

नाइट फ्रैंक ने कहा कि PGCI इंडेक्स एक मूल्यांक आधारिक सूचकांक है जिसमें हम घरों की कीमतें बढ़ाने वाले दुनिया के टॉप 44 शहरों का डाटा इकट्ठा करते हैं. कीमतों में वृद्धि स्थानीय मुज्रा के आधार पर गिनी जाती है.

एशिया-प्रशांत और EMEA  में घरों की डिमांड सबसे ज्यादा

नाइट फ्रेंक इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शिशर बैजल कहते हैं कि आवासीय संपत्तियों की मजबूत मांग एक वैश्विक प्रवृत्ति रही है. उन्होंने कहा कि एशिया-प्रशांत और EMEA  (यूरोप, मध्य पूर्व और अफ़्रीका) देशों में यह मांग सबसे ज्यादा है.

सबसे ज्यादा कीमतें दिल्ली-मुंबई में बढ़ीं

उन्होंने कहा कि इन 44 देशों में घरों की कीमतों में सबसे ज्यादा वृद्धि मुंबई और दिल्ली में ही हुई है. बैजल ने कहा कि हमें लगता है कि आर्थिक स्थितियों में कोई खास बदलाव न होने के कारण हमें आने वाली कुछ तिमाहियों तक इस ट्रेंड के बने रहने की उम्मीद है. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर घरों के दामों में तेजी देखने को मिल रही है. 

2022 के बाद घरों की कीमतों ने पकड़ी रफ्तार

नाइट फ्रैंक ने कहा कि इन 44 शहरों में पिछले एक साल में घरों की कीमतों में औसतन 4.1 प्रतिशत का उछाल आया है. कंपनी का कहना है कि 2022 की तीसरी तिमाही के बाद कीमतें सबसे तेज दर से बढ़ रही हैं.