नोएडा हवाई अड्डे के पास रेजिडेंशियल प्लॉट के लिए लकी ड्रॉ, आवेदन करने की ये है आखिरी तारीख
आप अगर नोएडा एयरपोर्ट के पास प्लॉट खरीदना चाहते हैं तो ये आखिरी मौका है. यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने नोएडा हवाई अड्डे के पास आवासीय भूखंडों के लिए ड्रॉ की तिथि 10 अक्टूबर तक बढ़ा दी है. प्राधिकरण ने सेक्टर 16, 18, 20 और 22डी में 361 आवासीय भूखंडों को बिक्री के लिए रखा है.
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अपने आवासीय प्लॉट के आवंटन के लिए ड्रॉ की तिथि 10 अक्टूबर तक बढ़ा दी है. इससे पहले आवासीय भूखंडों के लिए लकी ड्रा 20 सितंबर को निकालने की योजना बनाई गई थी. प्राधिकरण ने आवासीय भूखंड योजना के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि भी 23 अगस्त तक बढ़ा दी है. इस योजना के तहत 361 प्लॉट बिक्री के लिए है. यह प्लॉट्स नोएडा में बन रहे जेवर एयरपोर्ट पास हैं.
प्राधिकरण ने सेक्टर 16, 18, 20 और 22डी में 361 आवासीय भूखंडों को बिक्री के लिए रखा है. ये भूखंड यमुना एक्सप्रेसवे से सटे हैं, जो ग्रेटर नोएडा को आगरा और मथुरा से जोड़ता है. ये भूखंड ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई), प्रस्तावित फिल्म सिटी और आगामी नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के भी करीब हैं. इसलिए इसे खरीदने के लिए होड़ मची है.
आवेदन करने के लिए और समय दिया गया
YEIDA के एक अधिकारी ने बताया, हमें आवासीय प्लॉट योजना के लिए संभावित खरीदारों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. कई खरीदारों ने प्राधिकरण से आवेदन करने के लिए और समय देने का अनुरोध किया है, इसलिए हमने आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 अगस्त तक बढ़ा दी है. अब प्लॉट का लकी ड्रा 20 सितंबर, 2024 के बजाय 10 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा.
इस योजना में 120 वर्ग मीटर (वर्ग मीटर) और 200 वर्ग मीटर के मध्यम आकार के आवासीय भूखंडों के साथ-साथ 500 वर्ग मीटर और 4,000 वर्ग मीटर के बीच के बड़े आवासीय भूखंडों की पेशकश की गई है. इस योजना में 300 वर्ग मीटर श्रेणी में सबसे अधिक 131 आवासीय भूखंडों की पेशकश की जा रही है.
120 वर्ग मीटर का सबसे छोटा प्लॉट
ये प्लॉट 25,900 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से आवंटित किए जाएंगे. सबसे छोटे 120 वर्ग मीटर के प्लॉट की कीमत करीब 31.08 लाख रुपये होगी, जबकि 162 वर्ग मीटर के प्लॉट की कीमत करीब 41.95 लाख रुपये होगी. 200 वर्ग मीटर, 300 वर्ग मीटर और 500 वर्ग मीटर के मध्यम आकार के प्लॉट की कीमत क्रमश: 51.8 लाख रुपये, 77.7 लाख रुपये और 1.29 करोड़ रुपये होगी.
बड़े भूखंडों का आकार 1,000 और 4,000 वर्ग मीटर है और इनकी कीमत लगभग 2.59 करोड़ रुपये और 10.36 करोड़ रुपये होगी. प्राधिकरण का लक्ष्य इन आवासीय भूखंडों के आवंटन से 343.04 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र करना है.