सड़क पर निकलते ही सबके सामने दिख सकता है आपका बकाया चालान, जयपुर की नई स्मार्ट स्क्रीन के बारे में जानिए

जयपुर में ट्रैफिक नियमों के पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख चौराहों पर स्मार्ट स्क्रीन लगाई गई हैं. यह सिस्टम वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर बकाया चालान, पीयूसी की वैधता और इंश्योरेंस से जुड़ी जानकारी स्क्रीन पर दिखाता है.

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Reepu Kumari

जयपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने नई डिजिटल पहल शुरू की है. शहर के कुछ प्रमुख चौराहों पर स्मार्ट स्क्रीन लगाई गई हैं, जिनका मकसद नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर नजर रखना और उन्हें समय रहते जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है.

इस नई व्यवस्था के बाद वाहन चालकों को अपने बकाया चालान और जरूरी दस्तावेजों की स्थिति जानने के लिए अलग से जांच नहीं करनी पड़ेगी. जैसे ही वाहन निर्धारित स्थान से गुजरता है, उससे जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां स्क्रीन पर दिखाई देने लगती हैं.

कैमरे की नजर से नहीं बच पाएंगे वाहन

यह सिस्टम ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान तकनीक पर आधारित है. वाहन के कैमरे के सामने आते ही उसकी नंबर प्लेट स्कैन होती है और जानकारी को राष्ट्रीय परिवहन डेटाबेस से मिलाया जाता है. इसके बाद संबंधित वाहन से जुड़ी जानकारी तुरंत स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाती है.


प्रमुख सड़कों पर शुरू हुई पहल

फिलहाल इस तकनीक को जयपुर की व्यस्त सड़कों और महत्वपूर्ण चौराहों पर लगाया गया है. जवाहरलाल नेहरू मार्ग और टोंक रोड जैसे क्षेत्रों में इसकी शुरुआत की गई है. इन स्थानों पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, इसलिए डिजिटल निगरानी को मजबूत करने के लिए इन्हें प्राथमिकता दी गई है.

सिर्फ चालान नहीं, और भी मिलेगी जानकारी

स्मार्ट स्क्रीन पर केवल बकाया चालान की जानकारी ही नहीं दिखाई जाएगी. वाहन का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल प्रमाणपत्र यानी पीयूसी कब तक वैध है और इंश्योरेंस की स्थिति क्या है, यह जानकारी भी स्क्रीन पर उपलब्ध होगी. इससे वाहन मालिकों को जरूरी दस्तावेज समय पर अपडेट कराने में मदद मिल सकती है.

वायरल हुआ वीडियो, पुलिस को भी मिलेगा अलर्ट

इस नई व्यवस्था का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा बटोर रहा है. जानकारी के अनुसार, यदि किसी वाहन पर बकाया चालान है तो सिस्टम आगे तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी अलर्ट भेज सकता है. इसके बाद संबंधित वाहन को रोककर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है. प्रशासन को उम्मीद है कि इससे यातायात नियमों के पालन में सुधार आएगा.