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अयोध्या मेडिकल कॉलेज में मिला बम बनाने का संदिग्ध दस्तावेज, छात्र हिरासत में; जांच तेज

अयोध्या के राजर्षि दशरथ स्वायत्तशासी मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे कक्ष से विस्फोटक बनाने से जुड़ा एक संदिग्ध दस्तावेज मिलने के बाद हड़कंप मच गया. पुलिस ने प्रथम वर्ष के एक छात्र को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. मामले की कई पहलुओं से जांच जारी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राजर्षि दशरथ स्वायत्तशासी मेडिकल कॉलेज में शनिवार को एक संदिग्ध दस्तावेज मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं. एक्स-रे कक्ष से बरामद इस हस्तलिखित कागज में कथित तौर पर विस्फोटक तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों का उल्लेख था. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. प्रारंभिक जांच के आधार पर प्रथम वर्ष के एक मेडिकल छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

कॉलेज प्रशासन के अनुसार एक्स-रे विभाग के प्रभारी को शनिवार को ड्यूटी के दौरान एक हस्तलिखित दस्तावेज मिला. कागज में विस्फोटक तैयार करने से जुड़ी सामग्री के नाम लिखे होने की बात सामने आई. दस्तावेज मिलने के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई.


प्रथम वर्ष का छात्र हिरासत में

प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि यह दस्तावेज प्रथम वर्ष के छात्र सरफराज से जुड़ा हो सकता है. बताया गया कि शुक्रवार रात उसकी ड्यूटी एक्स-रे कक्ष में थी. छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उसके साथ ड्यूटी पर मौजूद दो अन्य लोगों से भी पुलिस जानकारी जुटा रही है.

दस्तावेज में क्या मिला?

जांच अधिकारियों के अनुसार दस्तावेज में कुछ ऐसे रसायनों और उपकरणों के नाम लिखे गए हैं, जिनका उपयोग विस्फोटक तैयार करने में किया जा सकता है. हालांकि पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि दस्तावेज किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा था. फिलहाल हर संभावित पहलू की गहन जांच की जा रही है.

कॉलेज प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि संदिग्ध कागज मिलने के तुरंत बाद पुलिस को सूचित कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं.

पुराने आतंकी मामले से भी जोड़ा जा रहा संदर्भ

इस घटना के बाद पिछले वर्ष सामने आए रेड फोर्ट विस्फोट मामले की भी चर्चा शुरू हो गई है, जिसमें कुछ आरोपियों के शैक्षणिक संस्थान से जुड़े होने की बात सामने आई थी. हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी. जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी.