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सावधान! कन्फर्म ट्रेन टिकट के नाम पर साइबर ठगी का बढ़ा खतरा, जानें कैसे बना रहे लोगों को अपना शिकार

कन्फर्म ट्रेन टिकट दिलाने के नाम पर साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं. भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी कभी भी अतिरिक्त पैसे लेकर टिकट कन्फर्म कराने का दावा नहीं करते.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
सावधान! कन्फर्म ट्रेन टिकट के नाम पर साइबर ठगी का बढ़ा खतरा, जानें कैसे बना रहे लोगों को अपना शिकार
Courtesy: Chatgpt

नई दिल्ली: ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक अहम चेतावनी सामने आई है. इन दिनों कन्फर्म ट्रेन टिकट दिलाने के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. साइबर अपराधी फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को झांसे में लेकर उनसे पैसे ऐंठ रहे हैं. ऐसे में यात्रियों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.

अक्सर त्योहारों, छुट्टियों और यात्रा के व्यस्त मौसम में ट्रेन टिकट की भारी मांग रहती है. कई यात्रियों को वेटिंग टिकट मिलने के कारण चिंता होती है. इसी स्थिति का फायदा उठाकर ठग खुद को रेलवे या आईआरसीटीसी का कर्मचारी बताकर संपर्क करते हैं और अतिरिक्त पैसे लेकर टिकट कन्फर्म कराने का दावा करते हैं. कई लोग जल्दबाजी में उनकी बातों पर भरोसा कर लेते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं.

किस तरह लोग हो रहे ठगी का शिकार?

ध्यान रखने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी कभी भी फोन, मैसेज या व्हाट्सएप के जरिए पैसे लेकर वेटिंग टिकट कन्फर्म कराने की सुविधा नहीं देते हैं. यदि कोई व्यक्ति इस तरह का दावा करता है तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें. ऐसे लोगों को किसी भी तरह की भुगतान जानकारी या व्यक्तिगत जानकारी देना खतरनाक हो सकता है.

साइबर ठग अक्सर फर्जी लिंक भेजते हैं और यात्रियों से उस पर क्लिक करने के लिए कहते हैं. कई बार वे नकली टिकट या कन्फर्म टिकट का स्क्रीनशॉट भी भेजते हैं ताकि लोग उन पर विश्वास कर लें. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत मोबाइल एप के जरिए ही टिकट बुक करें.

यात्रियों को क्या बरतनी चाहिए सावधानी?

यात्रियों को यह भी सलाह दी जाती है कि किसी अनजान व्यक्ति के बैंक खाते या यूपीआई आईडी पर पैसे न भेजें. अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें. यदि कोई व्यक्ति जल्द टिकट कन्फर्म कराने का लालच देता है तो उसे तुरंत ब्लॉक करें और उसकी शिकायत करें.

कहां कर सकते हैं शिकायत?

यदि कोई यात्री इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए. इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. साथ ही अपने बैंक को तुरंत सूचना देकर संदिग्ध लेनदेन को रोकने का प्रयास करना चाहिए. समय पर कार्रवाई करने से आर्थिक नुकसान कम किया जा सकता है.

यात्रा के दौरान सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है. किसी भी आकर्षक दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें और केवल आधिकारिक माध्यमों पर ही विश्वास करें.