ट्रेन छूट गई तो क्या वापस होगा कंफर्म टिकट का पैसा? जानें रेलवे का रिफंड नियम

ट्रेन में टिकट अगर कंफर्म हो तो सफर आसान हो जाता है. वहीं अगर कंफर्म टिकट होने के बाद भी ट्रेन छूट जाए तो सबसे ज्यादा दुख होता है. लेकिन क्या आपको पता है कि आपको अपने इस टिकट का पैसा वापस मिल सकता है?

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Shanu Sharma

भारतीय रेलवे से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं. ऐसे में कई बार जल्दबाजी, ट्रैफिक या किसी अन्य कारण से यात्री समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाता और ट्रेन निकल जाती है. ऐसी स्थिति में सिर्फ ट्रेन छूट जाने के आधार पर टिकट का पैसा वापस नहीं किया जाता.

कंफर्म टिकट पर रिफंड लेने के लिए तय समय सीमा का पालन करना जरूरी है. रेलवे के नियमों के अनुसार, ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम चार घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करना या ऑनलाइन TDR दाखिल करना जरूरी होता है. ऐसा नहीं करने पर आम तौर पर किराया वापस नहीं मिलता.

RAC टिकट के लिए भी समय सीमा तय

RAC टिकट यात्रियों को भी रिफंड के लिए निर्धारित समय का ध्यान रखना होता है. RAC ई-टिकट को ट्रेन के तय समय से 30 मिनट पहले तक कैंसिल किया जा सकता है या TDR दाखिल किया जा सकता है. इसके बाद सामान्य नियमों के तहत रिफंड का लाभ नहीं मिलता. यानी ट्रेन पकड़ने से पहले ही यात्री को अपने टिकट की स्थिति और कैंसिलेशन की समय सीमा जांच लेना चाहिए.


वेटिंग टिकट पर क्या है नियम?

वेटिंग लिस्ट वाले टिकटों के मामले में भी रिफंड के लिए अलग प्रावधान हैं. यदि यात्री यात्रा नहीं करता है तो टिकट की स्थिति के अनुसार तय समय सीमा के भीतर कैंसिलेशन या TDR प्रक्रिया पूरी करनी होती है. ट्रेन रवाना होने के बाद रिफंड के लिए कार्रवाई करने पर परेशानी हो सकती है.

ट्रेन लेट होने पर मिल सकता है पूरा किराया

अगर ट्रेन यात्री के बोर्डिंग स्टेशन पर तीन घंटे से ज्यादा देर से पहुंचती है और यात्री उस ट्रेन में सफर नहीं करता, तो ऐसी स्थिति में नियम अलग हो जाते हैं. पात्र यात्रियों को बिना कैंसिलेशन चार्ज के पूरा किराया वापस मिल सकता है. ई-टिकट वाले यात्रियों को इसके लिए ट्रेन के वास्तविक प्रस्थान से पहले ऑनलाइन TDR दाखिल करना जरूरी है. इसलिए ट्रेन की देरी की स्थिति में भी समय सीमा का ध्यान रखना अहम है.

कनेक्टिंग ट्रेन छूटने पर भी प्रावधान

अगर पहली ट्रेन के लेट होने की वजह से यात्री की आगे की कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाती है, तो रेलवे के नियमों में ऐसी स्थिति के लिए भी रिफंड का प्रावधान है. हालांकि, इसके लिए कनेक्टिंग ट्रेन छूटने का कारण पहली ट्रेन की देरी होना चाहिए और तय समय के भीतर टिकट सरेंडर करने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है. ऐसी स्थिति में यात्रा के बचे हिस्से के किराए पर लागू नियमों के अनुसार रिफंड मिल सकता है.