Navratri 2026: त्योहार आते ही घरों में रौनक बढ़ने लगती है. बाजारों में खरीदारी की चहल-पहल, नए कपड़ों की तैयारी, घर की सजावट और अपनों के लिए उपहार खरीदने का उत्साह हर तरफ दिखाई देता है. शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होने जा रही है. इसके बाद दिवाली तक त्योहारों का सिलसिला जारी रहेगा. ऐसे में छोटी-बड़ी खरीदारी के बीच खर्च कब बढ़ जाता है, इसका अंदाजा लगाना कई बार मुश्किल हो जाता है.
अगर पहले से हिसाब न रखा जाए तो त्योहार खत्म होने के बाद किराया, राशन, बिजली बिल और दूसरी जरूरी जरूरतों के लिए पैसे कम पड़ सकते हैं. कई लोग इस कमी को पूरा करने के लिए क्रेडिट कार्ड या उधार का सहारा लेते हैं, जिससे आगे के महीनों का बजट भी प्रभावित हो सकता है.
खरीदारी शुरू करने से पहले अपनी कुल मासिक आय और जरूरी खर्चों का हिसाब लगाएं. किराया, ईएमआई, राशन, बिजली का बिल, बच्चों की फीस और निवेश के लिए रकम अलग रखें. इसके बाद देखें कि त्योहारों पर कितना पैसा खर्च करना आपके लिए सुविधाजनक होगा. बजट ऐसा होना चाहिए, जिसके लिए आपको उधार लेने या क्रेडिट कार्ड का बकाया बढ़ाने की जरूरत न पड़े.
फेस्टिव बजट बनाते समय पूरी रकम को अलग-अलग हिस्सों में बांट दें. कपड़ों और खरीदारी, पूजा की सामग्री, घर की सजावट, मिठाई, खाने-पीने और उपहारों के लिए अलग राशि तय करें. अगर परिवार के साथ कहीं घूमने जाने की योजना है तो उसका खर्च भी पहले से जोड़ें. खरीदारी के दौरान अपनी सूची और तय रकम पर नजर रखें.
त्योहारों के दौरान ऑनलाइन और दुकानों में कई तरह की सेल और छूट मिलती हैं. आकर्षक ऑफर देखकर अक्सर लोग ऐसी चीजें भी खरीद लेते हैं, जिनकी उन्हें तुरंत जरूरत नहीं होती. इससे बचने के लिए खरीदारी से पहले सामान की सूची बनाएं और उसी के अनुसार आगे बढ़ें. किसी वस्तु पर छूट मिलने का मतलब तभी बचत है, जब वह आपकी जरूरत की हो और उसके लिए तय बजट से ज्यादा पैसा खर्च न करना पड़े. कीमतों की तुलना करना भी उपयोगी रहेगा.
क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते समय यह जरूर देखें कि बिल चुकाने के लिए आपके पास पर्याप्त रकम होगी या नहीं. केवल छूट, कैशबैक या आसान ईएमआई के आकर्षण में आकर महंगी चीजें खरीदने से बचें. ईएमआई चुनने से पहले उसकी अवधि, ब्याज और कुल भुगतान की राशि समझ लें. त्योहारों के बाद आने वाले क्रेडिट कार्ड बिल को भी अपने मासिक बजट में शामिल करें. इससे खरीदारी की खुशी बाद में आर्थिक दबाव की वजह नहीं बनेगी.