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CJI सूर्यकांत के नाम से वायरल फर्जी बयान पर बवाल, चीफ जस्टिस ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी और जातिवादी बयान को दुर्भावनापूर्ण बताया. CJI ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी.

Dhiraj Kumar Dhillon
CJI सूर्यकांत के नाम से वायरल फर्जी बयान पर बवाल, चीफ जस्टिस ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
Courtesy: Google

सोशल मीडिया पर उलूल-जुलूल कमेंट करने वालों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी नहीं बख्शा. एक एक्स अकाउंट से सीजेआई के नाम पर फर्जी, भ्रामक और विद्वेष फैलाने वाली टिप्पणी वायरल की गई है. भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोशल मी‌डिया पर उनके नाम से प्रसारित किए जा रहे एक कथित जातिवादी और भ्रामक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है.

उकसावे की सुनियोजित साजिश बताया

CJI ने इस तरह की पोस्ट को “नीच, ढीठ और शरारतपूर्ण”  बताते हुए कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कानून की पूरी ताकत के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि देश के सर्वोच्च न्यायिक पद के साथ किसी काल्पनिक उद्धरण को जोड़ना न केवल बेईमानी है, बल्कि समाज में उकसावा फैलाने की एक सुनियोजित साजिश भी है.

एक्स अकाउंट पर वायरल हुआ था कथित बयान

सीजेआई ने विशेष रूप से एक्स पर @UnreservedMERIT नामक अकाउंट द्वारा किए गए पोस्ट का उल्लेख किया. इस पोस्ट में हिंदी में एक कथित बयान को सीजेआई सूर्यकांत के नाम प्रचारित किया गया था. वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि अगर कोई समाज अपने लोगों के बीच से आईएएस, आईपीएस, सीजेआई, राष्ट्रपति, और पीएम पैदा करने के बाद भी खुद को शोषित मानता है तो गलती ब्राहमणों की नहीं बल्कि उसकी मानसिकता की है.

सीजेआई ने बताया पूरी तरह फर्जी और दुर्भाग्यपूर्ण

मुख्य न्यायाधीश ने अधिकारिक बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह से निराधार, दुर्भावनापूर्ण और स्पष्ट रूप से गलत बताया है. उन्होंंने कहा कि इस तरह की फर्जी सामग्री संवैधानिक मूल्यों और न्यायपालिका की गरिमा पर सीधा हमला है. उन्होंने कहा- देश के चीफ जस्टिस के नाम से काल्पनिक उद्धरण बनाना सरासर बेईमानी, जानबूझकर किया गया सामाजिक उकसावा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अवमानना है. इस तरह का गैर जिम्मेदाराना आचरण न्यायपालिका और कानून के शासन में जनता के विश्वास को कमजोर करना होता है.

सोशल मीडिया प्लेटफार्म और मीडिया से की अपील

सीजेआई सूर्यकांत ने जिम्मेदार नागरिकों, मीडिया संस्थानों और सोशल मी‌डिया प्लेटफार्मों से अपील की है कि वे इस तरह की झूठी और मनगढ़ंत सामग्री को साझा या प्रचारित करने से बचें. उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल टिप्पणी उनके विचारों या व्यक्तित्व से बिल्कुल उलट है.

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

बयान के अंत में यह भी कहा गया है कि फर्जी खबरें और भ्रामक टिप्पणियां फैलाने वालों को कानून की पूरी ताकत का सामना करना पड़ेगा. सीजेआई कार्यालय ने इस मामले को गंभीर मान‌‌हानि और न्यायिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया है.