40 की उम्र में नौकरी छोड़ने के बाद भी क्या PF पर रिटायरमेंट तक मिलेगा इंटरेस्ट? जानें EPFO का नियम
EPFO के नियमों के अनुसार 40 या 45 वर्ष की उम्र में नौकरी छोड़ने पर भी PF खाते में जमा राशि पर 58 वर्ष की आयु तक ब्याज मिल सकता है, यदि निर्धारित शर्तें पूरी हों.
नई दिल्ली: नौकरी छोड़ने के बाद भविष्य निधि यानी प्रोविडेंट फंड (PF) को लेकर कई कर्मचारियों के मन में सवाल उठते हैं. खासकर 40 या 45 साल की उम्र में नौकरी छोड़ने वाले लोगों को यह चिंता रहती है कि क्या उनके PF खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहेगा या नहीं. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के अनुसार, कुछ शर्तों के साथ नौकरी छोड़ने के बाद भी PF खाते में जमा राशि पर 58 वर्ष की आयु तक ब्याज मिलता रह सकता है.
EPFO के नियम बताते हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद PF खाता तुरंत बंद नहीं होता. यदि कर्मचारी अपने खाते की राशि नहीं निकालता और नियमों का पालन करता है, तो खाते में जमा धन पर ब्याज जुड़ता रहता है. इसका मतलब है कि नौकरी छोड़ने के बाद भी आपकी बचत बढ़ती रह सकती है और रिटायरमेंट के समय आपको अधिक राशि मिल सकती है.
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क्या हैं नियम?
58 वर्ष की आयु को EPFO के तहत सामान्य सेवानिवृत्ति की आयु माना जाता है. इस आयु तक खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलने की व्यवस्था रहती है. हालांकि 58 वर्ष के बाद यदि पैसा खाते में पड़ा रहता है, तो उस पर आगे नया ब्याज नहीं जोड़ा जाता. इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद समय पर अपने PF से जुड़े निर्णय लेना जरूरी माना जाता है.
नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के लिए निकासी के भी अलग नियम हैं. यदि कोई कर्मचारी बेरोजगार हो जाता है, तो वह निर्धारित नियमों के तहत अपने PF खाते से आंशिक राशि निकाल सकता है. शेष राशि तय समय पूरा होने के बाद निकाली जा सकती है. यह सुविधा कर्मचारियों को आर्थिक जरूरत के समय राहत देने के उद्देश्य से दी गई है.
कैसे मिलेगा भविष्य में पेंशन और अन्य लाभ?
यदि कर्मचारी बाद में किसी नई कंपनी में नौकरी शुरू करता है, तो उसे नया PF खाता खोलने के बजाय पुराने PF खाते को नए नियोक्ता के साथ जोड़कर ट्रांसफर कराना चाहिए. इससे सेवा अवधि और जमा राशि का रिकॉर्ड लगातार बना रहता है तथा भविष्य में पेंशन और अन्य लाभ प्राप्त करने में आसानी होती है.
लंबे समय तक नौकरी न करने और खाते में कोई नया अंशदान नहीं होने पर PF खाता निष्क्रिय श्रेणी में जा सकता है. हालांकि ऐसे खाते को दोबारा सक्रिय किया जा सकता है और नई नौकरी मिलने पर उसे नए PF खाते से जोड़ा जा सकता है. इसलिए कर्मचारियों को अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) सक्रिय रखना चाहिए और समय समय पर PF खाते की जानकारी जांचते रहना चाहिए.