उत्तराखंड में बारिश का कहर, 120 सड़कें बंद; लखवाड़ बांध का हिस्सा ढहा
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. राज्य में 120 सड़कें बंद हैं, जबकि लखवाड़ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना का निर्माणाधीन हिस्सा दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर ढह गया.
उत्तराखंड में मानसून की बारिश लगातार आफत बनती जा रही है. भूस्खलन और तेज बारिश के कारण राज्यभर में 120 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे आम लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. कई इलाकों में यातायात बाधित होने से दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, सबसे अधिक 20 सड़कें पौड़ी में बंद हैं. इसके अलावा चमोली में 17, उत्तरकाशी में करीब 15 और पिथौरागढ़ में 14 सड़कें बंद पड़ी हैं. विभाग का कहना है कि कई स्थानों पर भारी भूस्खलन के कारण सड़कें खोलने में समय लग रहा है और सभी डिविजनों को जल्द संपर्क बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं.
लखवाड़ बांध परियोजना का हिस्सा ढहा
बारिश के बीच कालसी क्षेत्र में लखवाड़ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना का निर्माणाधीन हिस्सा अचानक भरभराकर दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिर गया. हादसे में दो ड्रिलिंग मशीन, एक जेसीबी, एक डंपर और एक कंप्रेशर मशीन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. राहत की बात यह रही कि घटना के समय श्रमिक दूसरे हिस्से में काम कर रहे थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई. देर रात तक मलबा हटाने का अभियान चलाया गया और रविवार सुबह हाईवे पर यातायात सामान्य कर दिया गया.
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छह जिलों येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में कई स्थानों पर तेज से अति तेज बारिश, आकाशीय बिजली और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है. संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है. जौनसार क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिरने से 13 मोटर मार्ग बंद हो गए हैं. वहीं यमुना नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान के बराबर पहुंच गया है. इसे देखते हुए यूजेवीएनएल ने व्यासी से कुल्हाल तक पांच अर्ली वॉर्निंग सिस्टम सक्रिय कर दिए हैं.