दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए आने वाले समय में रेल सफर का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है. प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अहम जानकारी साझा की है. इसके तैयार होने के बाद दिल्ली से लखनऊ का सफर करीब 2 घंटे 12 मिनट में पूरा होने का अनुमान है. वहीं पटना तक पहुंचने में लगभग 4 घंटे 30 मिनट लग सकते हैं.
यह कॉरिडोर देश के बेहद व्यस्त रेल मार्गों में शामिल दिल्ली यूपी बिहार रूट को हाईस्पीड कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना है. खासतौर पर दिवाली और छठ जैसे त्योहारों में दिल्ली एनसीआर से यूपी और बिहार जाने वाले यात्रियों को लंबा सफर और ट्रेनों की भीड़ झेलनी पड़ती है. ऐसे में यह प्रस्तावित परियोजना भविष्य में यात्रा को तेज बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है.
रेल मंत्री के मुताबिक, प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के बाद दिल्ली से पटना की लगभग 1,170 किलोमीटर दूरी करीब 4 घंटे 30 मिनट में पूरी हो सकेगी. फिलहाल सुपरफास्ट और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से इस सफर में लगभग 12 घंटे लगते हैं. यानी भविष्य में इसी मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए समय की बड़ी बचत हो सकती है.
प्रस्तावित रूट में उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहर शामिल होंगे. दिल्ली से आगरा की लगभग 200 किलोमीटर दूरी 58 मिनट में पूरी होने का अनुमान है. वहीं दिल्ली से कानपुर करीब 455 किलोमीटर का सफर 1 घंटे 50 मिनट में और लखनऊ की लगभग 495 किलोमीटर दूरी 2 घंटे 12 मिनट में तय हो सकती है. प्रयागराज तक करीब 3 घंटे और वाराणसी तक 3 घंटे 33 मिनट लग सकते हैं.
भारत में हाईस्पीड रेल नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में यह प्रस्तावित कॉरिडोर अहम माना जा रहा है. फिलहाल मुंबई अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर काम चल रहा है. इसे 320 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी पहली सेवा सूरत से वापी खंड में अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है.
भारतीय रेलवे में इस समय वंदे भारत, राजधानी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनें चलती हैं. हालांकि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन की रफ्तार इनसे काफी अधिक होगी. वंदे भारत एक्सप्रेस की गति लगभग 180 किलोमीटर प्रति घंटा है और इसे सेमी हाईस्पीड श्रेणी में रखा जाता है. इसके मुकाबले बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 320 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई है.