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मार्च क्लोजिंग अलर्ट: 31 मार्च तक निपटा ले ये जरुरी काम, वरना जेब पर बढ़ेगा बोझ!

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान भी 31 मार्च से पहले करना जरूरी है. आयकर कानून की धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट मिलती है.

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Anuj

नई दिल्ली: 31 मार्च 2026 के साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने जा रहा है. ऐसे में कई जरूरी वित्तीय कामों की समय सीमा भी खत्म होने वाली है. अगर आपने समय रहते इन कार्यों को पूरा नहीं किया, तो आपको अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है या टैक्स छूट का लाभ नहीं मिल पाएगा. इसलिए विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि आखिरी तारीख से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और निवेश से जुड़े काम पूरे कर ले.

टैक्स का बोझ बढ़ सकता है

सबसे पहले जिन लोगों ने टैक्स बचाने के लिए साल की शुरुआत में निवेश किया है, उन्हें उसका प्रमाण अपने नियोक्ता को जमा करना जरूरी है. यदि समय पर इन्वेस्टमेंट प्रूफ नहीं दिया गया, तो आपकी टैक्सेबल इनकम अधिक मानी जा सकती है, जिससे टैक्स का बोझ बढ़ सकता है.

कटौती का लाभ

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान भी 31 मार्च से पहले करना जरूरी है. आयकर कानून की धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट मिलती है. इसमें परिवार के लिए 25,000 रुपये, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये और माता-पिता के लिए 75,000 रुपये तक की कटौती का लाभ लिया जा सकता है.

अपडेट करने का आखिरी मौका

इसके अलावा अगर आपने पहले दाखिल किए गए आयकर रिटर्न में कोई गलती की है या कोई जानकारी छूट गई है, तो उसे अपडेट करने का यह आखिरी मौका है. ITR-U के माध्यम से आप पुराने आकलन वर्ष के लिए रिटर्न में सुधार कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए भी समय सीमा का ध्यान रखना जरूरी है.

टैक्स में राहत

पुराने टैक्स सिस्टम के तहत छूट का लाभ लेने वाले करदाताओं के लिए PPF, सुकन्या समृद्धि योजना और नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश करने का यह अंतिम समय है. इन योजनाओं में 31 मार्च से पहले निवेश कर आप टैक्स में राहत पा सकते हैं.

कटौती का दावा

वहीं, होम लोन लेने वालों के लिए भी राहत का मौका है. आयकर की धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक की कटौती का दावा किया जा सकता है. ध्यान रहे कि आप केवल उसी ब्याज राशि पर छूट ले सकते हैं, जिसका भुगतान इस वित्तीय वर्ष में किया गया हो.