Online Fraud Loan App: ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अपने तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को एक हफ्ते के भीतर अपने प्लेटफॉर्म से फ्रॉड लोन ऐप्स का विज्ञापन हटाने की चेतावनी दी है.
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अगर जनता के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी होती है तो अपने प्लेटफॉर्म पर इन ऐप्स का विज्ञापन दिखाने वाला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही इसका जिम्मेदार होगा.
7 दिन के भीतर हटाए जाएं विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल जैसे प्लेटफॉर्म को 7 दिन के भीतर अपने प्लेटफॉर्म से फ्रॉड लोन ऐप्स के विज्ञापन हटाने को कहा है.
मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस तरह के विज्ञापन दिखाने से रोकने के लिए सरकार मौजूदा आईटी एक्ट में संशोधन पर काम कर रही है. इसके बाद ऐसे विज्ञापन दिखाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि नवंबर में मंत्रालय ने अपनी जांच में पाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सट्टेबाजी और लोन देने वाले ऐप्स के विज्ञापन चलाए जा रहे हैं जिन्हें भारत सरकार ने प्रतिबंधित सूची में डाल रखा है.
RBI के साथ चल रही है चर्चा- IT मंत्री
वहीं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि मंत्रालय कई महीनों से भारतीय रिजर्व बैंक के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर रहा है, लेकिन हमने इस मुद्दे का समाधान खोजने के लिए हाल ही में अपने प्रयास तेज किये हैं.
उन्होंने कहा कि हमने आरबीआई और वित्त मंत्रालय से बातचीत की है. हम धोखाधड़ी करने वाले लोन ऐप्स से निपटने के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित करने पर काम कर रहे हैं जिसे जल्द लागू किया जाएगा.
गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया था कि गूगल ने अप्रैल 2021 से जुलाई 2022 के बीच अपने प्ले स्टोर से 2500 से अधिक फ्रॉड लोन ऐप हटा लिए हैं. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.