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Budget 2024: आंध्र प्रदेश को मिला 'अंधाधुंध' पैसा, पूरी हुई चंद्रबाबू नायडू की डिमांड?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए भंडार खोल दिया है. इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए इन दोनों राज्यों को जमकर पैसे दिए गए हैं. रोचक बात यह है कि केंद्र की मौजूदा सरकार आंध्र प्रदेश की सत्ता पर काबिज टीडीपी और बिहार में गठबंधन सरकार चला रही जेडीयू के सहारे ही चल रही है. इन दोनों ही राज्यों ने केंद्र से विशेष राज्य के दर्जे की भी मांग की थी लेकिन सरकार ने इनकार कर दिया.

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आम बजट में केंद्र सरकार ने बिहार और आंध्र प्रदेश पर विशेष फोकस किया गया है. वित्त मंत्री ने आंध्र प्रदेश को 15 हजार करोड़ और बिहार को 41 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है. आंध्र प्रदेश को स्पेशल फाइनेंशियल सपोर्ट दिया जाएगा. एनडीए सरकार चंद्राबाबू नायडू के सपोर्ट से चल रही है. लंबे समय से आंध्र प्रदेश और बिहार जैसे राज्य विशेष राज्य का दर्जा भी मांगते रहे हैं. ऐसे में बजट में इन राज्यों के लिए विशेष ऐलान से चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं.

केंद्र सरकार ने इस वर्ष आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती के निर्माण के लिए 15,000 करोड़ रुपये की घोषणा की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा कि हम राज्य के विकास के लिए हर संभल मदद देंगे. उन्होंने आगे कहा कि राज्य की पूंजी की आवश्यकता को पहचानते हुए हम बहुपक्षीय एजेंसियों के माध्यम से विशेष वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान करेंगे. 

पोलावरम सिंचाई परियोजना पर खर्च होंगे पैसे

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि सरकार पोलावरम सिंचाई परियोजना के वित्तपोषण और उसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, 'पोलावरम प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश के किसानों को लाभ मिलेगा. हमारे देश की खाद्यान्न की मुश्किल भी कम होगी. राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पानी, बिजली, रेलवे और रोड के लिए राशि दी जाएगी. इसके साथ ही रायलसीमा, प्रकाशम और कोस्टल आंध्र को विकसित करने के लिए मदद दी जाएगी.'

पानी, बिजली, रेलवे और सड़कों पर खास फोकस

विशाखापटनम चेन्नई इंड्स्टियल कोरिडोर और हैदराबाद-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे में ओरवाकल क्षेत्र में विकास के लिए फंड दिया जाएगा. आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे के लिए धन मुहैया कराया जाएगा. पानी, बिजली, रेलवे और सड़कों पर खास फोकस होगा. इसके अलावा आर्थिक विकास के लिए पूंजी निवेश के लिए अतिरिक्त धन भी मुहैया कराया जाएगा.