'बाबरी मस्जिद' की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर ने दोनों सीटों से दर्ज की जीत, TMC ने किया था सस्पेंड
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रचंड जीत के बीच हुमायूं कबीर ने दो सीटों से जीत दर्ज की है. टीएमसी से निकाले जाने के बाद उन्होंने बाबरी मस्जिद बयान को लेकर सुर्खियां बटोरी थी और मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में 'बाबरी मस्जिद' की नींव भी रखी थी.
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सियासत में बीजेपी ने बड़ा उलटफेर कर इतिहास रच दिया है. राज्य में जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल कर ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे राजनीतिक प्रसंग भी सामने आ रहे हैं, जिन्होंने चुनावी परिदृश्य को और दिलचस्प बना दिया है. इसी कड़ी में मुस्लिम नेता हुमायूं कबीर का नाम खास तौर पर चर्चा में है, जिन्होंने हाल के चुनाव में दो अलग-अलग सीटों से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ का प्रदर्शन किया है.
कभी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) का हिस्सा रहे हुमायूं कबीर ने चुनाव से ठीक पहले पार्टी से अलग राह चुन ली थी. उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी. पार्टी से दूरी बनाने के पीछे उनके बयानों और गतिविधियों को अहम कारण माना गया. खासतौर पर 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण को लेकर की गई उनकी घोषणा ने विवाद को और गहरा कर दिया था.
बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर रखी थी 'बाबरी मस्जिद' की नींव
दरअसल, हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी, 6 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में एक नई मस्जिद की नींव रखने का दावा किया था, जिसे उन्होंने बाबरी मस्जिद का नाम दिया. इस कदम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं. उनके इस ऐलान को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई, वहीं उनकी अपनी पार्टी ने भी इससे दूरी बनाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की.
जीत हासिल कर अपने जनाधार का दिया सबूत
टीएमसी नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए हुमायूं कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया था. उस समय वे भरतपुर सीट से विधायक थे और स्थानीय स्तर पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती थी. हालांकि, पार्टी से अलग होने के बाद भी उन्होंने अपने जनाधार को बरकरार रखा और चुनावी मैदान में उतरकर दो सीटों से जीत हासिल कर यह संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक जमीन अभी भी मजबूत है.
बता दें कि पश्चिम बंगाल में हुए विधान्सबह चुनाव के नतीजों में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है और टीएमसी का सूपड़ा साफ़ कर दिया है. राज्य में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है, जिससे देश भर के पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है. बंगाल में बीजेपी 200 से अधिक सीटें हासिल करने झा रही है, जो अपने आप में नया कीर्तिमान है.