हर इंसान पूरा जीवन अपने बुढ़ापे के लिए मेहनत करता है. ताकी जब उसका शरीर काम ना करें तो उसके कमाए हुए पैसे काम आए. खास कर पर प्राइवेट नौकरी करने वाले और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए यह चिंता और भी बड़ी होती है. क्योंकि प्राइवेट कंपनियों में जबतक आप नौकरी करते हैं तबतक ही आपको फायदा मिलता है. इसके बाद आपके पास कुछ नहीं होता.
सरकारी नौकरियों में पेंशन की सुविधा उपलब्ध है, हालांकि प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों के लिए केंद्र सरकार ने अटल पेंशन योजना की शुरुआत की थी. अब सरकार ने इस योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक आगे बढ़ाने का फैसला लेकर करोड़ों लोगों को बड़ी राहत दी है. इस योजना की मदद से रिटायरमेंट के बाद हर महीने 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की गारंटीड पेंशन मिलती है.
अटल पेंशन योजना का उद्देश्य उन लोगों को सामाजिक सुरक्षा देना है, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का कोई मजबूत साधन नहीं होता. इस योजना में 18 से 40 वर्ष की उम्र के भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं. नियमों के मुताबिक, योजना में शामिल होने के बाद कम से कम 20 साल तक योगदान करना अनिवार्य है. जैसे ही निवेशक 60 वर्ष की उम्र पूरी करता है, उसे चुनी गई पेंशन राशि हर महीने मिलनी शुरू हो जाती है. अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में अटल पेंशन योजना से जुड़ता है, तो उसे बेहद कम रकम निवेश करनी पड़ती है.
18 साल के उम्रम में इस योजना से जुड़ने से आपको कम पैसे देने होंगे, वहीं अगर आप 40 की उम्र में जुड़ते हैं तो आपको ज्यादा निवेश करने पड़ेंगे. अटल पेंशन योजना में निवेश करने से इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80CCD के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है. हालांकि, 1 अक्टूबर 2022 के बाद इनकम टैक्स देने वाले नए निवेशक इस योजना में खाता नहीं खोल सकते. इस योजना में निवेशक की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को वही पेंशन मिलती रहती है. यदि दोनों का निधन हो जाए, तो जमा की गई पूरी राशि नॉमिनी को लौटा दी जाती है.