नई दिल्ली: आज के डिजिटल दौर में आधार कार्ड के बिना कोई भी बड़ा काम लगभग असंभव है. बैंक खाता खोलने से लेकर सरकारी सब्सिडी, पेंशन या पासपोर्ट तक हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है. इसी वजह से आधार को बैंक खाते से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है. लेकिन कई लोग नहीं जानते कि आधार में छोटी-छोटी त्रुटियां भी बड़े संकट पैदा कर सकती हैं. खासकर नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर में गड़बड़ी होने पर बैंक सतर्क हो जाता है और अकाउंट को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर सकता है.
आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत होना सबसे ज्यादा देखी जाने वाली गलती है. कई बार नाम में एक अक्षर भी अलग होने पर बैंक वेरिफिकेशन फेल हो जाता है. बैंक रिकॉर्ड और आधार में नाम मैच न करने पर सुरक्षा के नाम पर अकाउंट फ्रीज कर दिया जाता है. इससे बचने के लिए नाम की स्पेलिंग को बैंक पासबुक या स्टेटमेंट से मिलाकर जांच लें और गलत होने पर जल्द सुधार कराएं.
जन्मतिथि में गलती होने पर KYC प्रक्रिया पूरी तरह रुक सकती है. बैंक आपकी पहचान की पुष्टि के लिए आधार और अन्य दस्तावेजों का मिलान करता है. अगर जन्मतिथि अलग-अलग है तो बैंक अकाउंट को ब्लॉक कर सकता है. इसलिए सभी दस्तावेजों जैसे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट और आधार में एक जैसी तारीख रखें. छोटी सी गलती बड़े झंझट पैदा कर सकती है.
आधार से जुड़े ज्यादातर काम अब OTP के जरिए होते हैं. अगर मोबाइल नंबर पुराना या गलत दर्ज है तो ऑनलाइन बैंकिंग, UPI या अन्य सेवाओं में रुकावट आती है. बैंक कई बार OTP वेरिफिकेशन के लिए इसी नंबर पर निर्भर रहता है. नंबर अपडेट न होने से अकाउंट इस्तेमाल में समस्या हो सकती है. इसलिए तुरंत नया नंबर रजिस्टर कराएं.
आधार में जानकारी सुधारना अब काफी सरल हो गया है. छोटी-मोटी चीजें जैसे पता या ईमेल ऑनलाइन myAadhaar पोर्टल से अपडेट की जा सकती हैं. लेकिन नाम, जन्मतिथि जैसी महत्वपूर्ण डिटेल्स के लिए नजदीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाना पड़ता है. वहां मूल दस्तावेज दिखाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के साथ सुधार कराएं. प्रक्रिया पूरी होने पर नई डिटेल्स अपडेट हो जाती हैं.