8th Pay Commission: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 8वें वेतन आयोग में देरी हुई तो कितना मिलेगा एरियर? समझें पूरा हिसाब

8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट में देरी होने पर कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाली संशोधित सैलरी का एरियर बाद में मिल सकता है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है. आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. इसकी डेडलाइन 2027 की पहली छमाही में बताई जा रही है. हालांकि, रिपोर्ट तैयार होने और सरकार की समीक्षा में देरी हुई तो वेतन आयोग की सिफारिशों का वास्तविक कार्यान्वयन अगस्त से दिसंबर 2027 तक खिंच सकता है.

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल कर्मचारियों के एरियर को लेकर है. अगर सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाती हैं और उनका भुगतान बाद में होता है, तो कर्मचारियों को पिछली तारीख से बकाया राशि मिल सकती है. यह अवधि करीब 18 से 22 महीने तक हो सकती है. हालांकि, एरियर का अंतिम फार्मूला सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा.

किस रकम पर मिलेगा एरियर?

पिछले वेतन आयोगों की व्यवस्था को देखें तो एरियर में सबसे अहम भूमिका संशोधित बेसिक पे की होती है. अगर 8वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी बढ़ाई जाती है, तो 1 जनवरी 2026 से लागू नई बेसिक और पुरानी बेसिक के बीच का अंतर एरियर का मुख्य हिस्सा बन सकता है.


हालांकि DA, HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्तों का एरियर मिलेगा या नहीं, यह सरकार के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगा. इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि सभी भत्तों का पूरा एरियर निश्चित रूप से मिलेगा.

DA का क्या होगा?

महंगाई भत्ता यानी DA बेसिक पे के आधार पर तय होता है और सामान्य तौर पर साल में दो बार संशोधित किया जाता है. 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट में देरी होने के बावजूद DA में नियमित बदलाव जारी रह सकता है. इसलिए आयोग के लागू होने में देरी का मतलब यह नहीं है कि DA संशोधन रुक जाएगा.

दूसरी छमाही के DA पर सितंबर या अक्टूबर के आसपास फैसला होने की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि 8वें वेतन आयोग के एरियर में DA को किस तरह शामिल किया जाएगा, यह सरकार की अंतिम घोषणा से स्पष्ट होगा.

HRA से कितना फायदा?

HRA भी बेसिक पे से जुड़ा होता है. मौजूदा व्यवस्था में X, Y और Z श्रेणी के शहरों के लिए अलग-अलग दरें लागू हैं. बेसिक पे बढ़ने पर HRA की रकम भी बढ़ सकती है. लेकिन पिछली व्यवस्था को देखते हुए बढ़े हुए HRA का पूरा पिछला भुगतान मिलेगा या नहीं, यह निश्चित नहीं है.

ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी कर्मचारी के पे लेवल और पोस्टिंग वाले शहर के आधार पर तय होता है. 8वें वेतन आयोग में इस पर भी बदलाव की सिफारिश हो सकती है. इसलिए अंतिम एरियर का वास्तविक आंकड़ा आयोग की रिपोर्ट और सरकार के फैसले के बाद ही साफ होगा.