महिला सुरक्षा के लिए बड़ी पहल, लड़कियों से छेड़छाड़ करने वालों की अब खैर नहीं; पटना में 284 पर पुलिस दीदी का एक्शन

बिहार में पुलिस दीदी यानी अभया ब्रिगेड ने पिछले सात माह में 790 मनचलों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की है. पटना 284 मामलों के साथ सबसे आगे है, जबकि मधेपुरा, गया, सुपौल और बक्सर इसके बाद हैं.

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Km Jaya

पटना: बिहार में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की विशेष पहल का असर दिखने लगा है. अभया ब्रिगेड यानी पुलिस दीदी ने पिछले सात माह में राज्यभर में 790 मनचलों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की है. इनमें सबसे अधिक कार्रवाई पटना में हुई है, जहां 284 मनचलों पर पुलिस ने एक्शन लिया.

पटना के बाद मधेपुरा 137 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है. गया में 87, सुपौल में 70 और बक्सर में 64 मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इसके अलावा नालंदा में 58, नवादा में 18, भोजपुर में 16, मुजफ्फरपुर में 15 और बेगूसराय तथा बगहा में 10-10 मामलों में कार्रवाई हुई है.

अभया ब्रिगेड को बनाया गया पुलिस दीदी

महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए जनवरी में अभया ब्रिगेड का गठन किया गया था. इसे थानास्तर पर निगरानी व्यवस्था के तहत काम करने की जिम्मेदारी दी गई. बाद में इस विशेष टीम को पुलिस दीदी के रूप में विकसित किया गया और टीमों को स्कूटी भी उपलब्ध कराई गई.


राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में जुलाई तक कुल 1,024 पुलिस दीदी टीमें काम कर रही थीं. इनमें पटना में सबसे ज्यादा 84 टीमें थीं. गया में 55, मोतिहारी में 53, मुजफ्फरपुर और रोहतास में 42-42 तथा भागलपुर में 41 टीमें गठित की गई थीं.

790 कार्रवाई में 21 FIR

पुलिस दीदी की ओर से 790 मनचलों के खिलाफ की गई निरोधात्मक कार्रवाई में करीब 21 मामलों में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है. पटना में चार FIR दर्ज हुईं. नालंदा में तीन, जबकि जहानाबाद, बेगूसराय, बगहा और बेतिया में दो-दो प्राथमिकी दर्ज की गईं. भोजपुर, बक्सर, रोहतास, नवादा, मुजफ्फरपुर और मधेपुरा में एक-एक FIR दर्ज हुई.

22 जिलों में नहीं हुई कोई कार्रवाई

राज्य के 22 जिलों में पिछले सात माह के दौरान मनचलों के खिलाफ एक भी निरोधात्मक कार्रवाई दर्ज नहीं हुई. इनमें भागलपुर, औरंगाबाद, अरवल, सारण, सिवान, गोपालगंज, मोतिहारी, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई और खगड़िया शामिल हैं.

15 हजार से ज्यादा जागरूकता कार्यक्रम

पुलिस दीदी की टीमों ने केवल कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि महिला सुरक्षा और किशोर अपराध को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया. स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में पिछले सात से आठ महीनों में 15 हजार से ज्यादा जागरूकता और सुरक्षा जांच कार्यक्रम आयोजित किए गए. पटना, भभुआ और औरंगाबाद में ऐसे कार्यक्रमों की संख्या सबसे ज्यादा रही.

अभया ब्रिगेड की कार्रवाई से साफ है कि बिहार पुलिस महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने पर जोर दे रही है. हालांकि, जिन 22 जिलों में कोई कार्रवाई दर्ज नहीं हुई है, वहां पुलिस दीदी की सक्रियता और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत होगी.