पंजाब में AAP नेता गुरप्रीत सिंह गोपी का मर्डर, बाइक का पीछा कर हमलावरों ने बरसाईं गोलियां

पंजाब के ममदोट में आम आदमी पार्टी नेता गुरप्रीत सिंह गोपी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस को हमले के पीछे पुरानी रंजिश और कथित चुनावी विवाद का शक है.

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Meenu Singh

पंजाब के ममदोट शहर में आम आदमी पार्टी से जुड़े नेता गुरप्रीत सिंह गोपी की गोली मारकर हत्या के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस के मुताबिक, गोपी अपने साथी हरप्रीत के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी कार सवार हथियारबंद लोगों ने उनका पीछा किया और फायरिंग शुरू कर दी. हमले में गोपी की जान चली गई, जबकि उनके साथ मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है.

मोटरसाइकिल का पीछा कर की फायरिंग

पुलिस के अनुसार गोपी और हरप्रीत एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहे थे. इसी दौरान कार में आए हमलावरों ने उनका पीछा किया और अचानक गोलियां चला दीं. फायरिंग में गोपी गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी मौत हो गई. बताया गया कि गोपी के कुछ दोस्त एक अलग कार में पीछे आ रहे थे. हमलावरों ने उस कार को भी निशाना बनाया.

पुराना झगड़ा बना जांच का अहम एंगल

सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस भूपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चला आ रहा था. पुलिस को इस पुराने झगड़े के साथ चुनाव से जुड़े विवाद का एंगल भी अहम लग रहा है. जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और हमले की साजिश किस तरह तैयार की गई. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को जोड़कर घटनाक्रम समझने की कोशिश कर रही है.


आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी

SSP भूपिंदर सिंह सिद्धू के मुताबिक, पुलिस ने हमले में शामिल संदिग्धों की पहचान कर ली है. आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है. उसके खिलाफ पहले से कई गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी जांच में सामने आई है.

कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

ममदोट में राजनीतिक नेता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना में कथित चुनावी विवाद का पहलू सामने आने के बाद मामला राजनीतिक तौर पर भी संवेदनशील हो गया है. पुलिस अब हमले की वजह, आरोपियों की भूमिका और फायरिंग की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है. अधिकारियों ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा जताया है.