YouTube पर बच्चे कुछ गलत तो नहीं देख रहे? इन फीचर्स के साथ करें कंट्रोल
YouTube पर बच्चों के कंटेंट को मॉनिटर करने के लिए पैरेंटल कंट्रोल उपलब्ध कराए गए हैं, जो यह मैनेज करने की अनुमति देते हैं कि बच्चे यूट्यूब शॉर्ट्स पर कितना समय बिताते हैं.
नई दिल्ली: ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने माता-पिता के लिए एक नया फीचर पेश कर दिया है. इस फीचर के साथ माता-पिता इस बात को कंट्रोल कर सकते हैं कि उनके बच्चे यूट्यूब शॉर्ट्स पर कितना समय बिताते हैं. आजकल यह देखना बेहद जरूरी हो गया है कि बच्चे क्या और कितनी देर देख रहे हैं. ऐसे में यह फीचर माता-पिता के लिए काफी जरूरी हो गया है. यह अपडेट लाखों माता-पिता को स्क्रीन टाइम को सीमित करने और शॉर्ट-फॉर्म वीडियो देखने को मैनेज करने में मदद करता है.
बता दें कि YouTube Shorts एक ऐसा वीडियो फॉर्मेट है, जो Instagram Reels जैसा ही है. रील्स को नशा कहा जा सकता है. यह इतना ज्यादा एडिक्टिव है कि अगर एक बार रील देखना शुरू कर दें तो यह कई घंटों तक बिजी रख सकता है और समय बीत जाने का पता भी नहीं चलता है. बच्चों की इस आदत को लेकर माता-पिता काफी चिंतित रहते हैं. ऐसे में यूट्यूब शॉर्ट्स के लिए यह कंट्रोल काफी मदद कर सकता है.
YouTube के नए Shorts कंट्रोल कैसे काम करते हैं?
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Shorts के लिए आपको समय सीमा तय करना जरूरी है. इससे यह तय होगा कि उनके बच्चों को हर दिन YouTube Shorts देखने की ज्यादा से ज्यादा कितनी अनुमति मिलेगी.
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माता-पिता Shorts टाइमर को जीरो पर सेट कर पाएंगे. इससे बच्चे Shorts बिल्कुल भी नहीं देख पाएंगे. यह उस समय काम आएगा जब बच्चों को पढ़ाई करनी होगी या फिर उन्हें वीडियो कंटेंट देखने से बचाना होगा.
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यह फीचर माता-पिता को स्क्रीन टाइम की सीमाओं को एडजस्ट करने की भी अनुमति देता है. उदाहरण के लिए, छुट्टियों या यात्रा के दौरान, माता-पिता हर रोज इस डेडलाइन को 30 मिनट से बढ़ाकर 60 मिनट कर सकते हैं.
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YouTube पर Take a Break और Bedtime रिमाइंडर जैसे टूल भी मिल जाएंगे. हालांकि, ये फीचर सिर्फ सुपरवाइज्ड अकाउंट के लिए उपलब्ध कराया गया है.
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YouTube ने नए प्रिंसिपल और एक क्रिएटर गाइड पेश की है. इसे युवाओं को ऐसे कंटेंट की तरफ ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है, जो मजेदार और उनकी उम्र के हिसाब से सही हो. प्लेटफॉर्म का मकसद एकेडमी, क्रैशकोर्स और TED-Ed जैसे ज्यादा हाई-क्वालिटी वाले एजुकेशनल वीडियो दिखाना है.
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कंपनी ने अपनी साइन-अप प्रक्रिया को अपडेट किया है. इससे पैरेंट्स बच्चों का अकाउंट खुद बना सकते हैं और मोबाइल ऐप में अकाउंट के बीच आसानी से स्विच कर सकते हैं. इससे सुपरविजन आसान हो जाता है.