WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर पर सरकार की नजर, बढ़ सकता है ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा!

व्हाट्सऐप जल्द ही यूजरनेम फीचर शुरू करने जा रहा है, जिससे मोबाइल नंबर साझा किए बिना बातचीत की जा सकेगी. केंद्र सरकार इस सुविधा की सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी के जोखिम को समझा जा सके.

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Kuldeep Sharma

लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप अपने यूजर्स के लिए एक नया यूजरनेम फीचर लाने की तैयारी कर रहा है. इस सुविधा के जरिए लोग मोबाइल नंबर बताए बिना एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे. हालांकि, ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच इस फीचर ने केंद्र सरकार का भी ध्यान खींचा है. सूत्रों के अनुसार, सरकार इसके सुरक्षा और गोपनीयता प्रभावों की विस्तृत समीक्षा करने की योजना बना रही है.

सरकार की नजर में नया फीचर

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार व्हाट्सऐप के यूजर आईडी या यूजरनेम सिस्टम का अध्ययन करेगी. अधिकारियों का मुख्य फोकस यह समझना होगा कि कहीं यह सुविधा साइबर अपराधियों को अपनी पहचान छिपाने का नया माध्यम तो नहीं बन सकती. यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की कमी या अनियमितता सामने आती है, तो मेटा से स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है.

कैसे काम करेगा यूजरनेम सिस्टम

व्हाट्सऐप का कहना है कि नया फीचर यूजर्स की गोपनीयता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. इसके तहत लोग अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना केवल यूजरनेम के जरिए बातचीत शुरू कर सकेंगे. यूजरनेम बनाना वैकल्पिक होगा और इसे बाद में बदला या हटाया भी जा सकेगा. शुरुआत में यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी.


धोखाधड़ी को लेकर चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि यूजरनेम आधारित पहचान प्रणाली का गलत इस्तेमाल कर कुछ लोग दूसरों की नकल करने की कोशिश कर सकते हैं. इस आशंका को देखते हुए व्हाट्सऐप ने दावा किया है कि दुरुपयोग रोकने के लिए कई सुरक्षा परतें जोड़ी गई हैं. कंपनी वैकल्पिक न्यूमेरिक की भी उपलब्ध कराएगी, जिससे असली और नकली अकाउंट के बीच अंतर करना आसान हो सकेगा. साथ ही, निजी संदेश पहले की तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगे.