Selfie Fraud: टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल काफी तेजी से हो रहा है जो लोगों के लिए काफी मददगार साबित होता है. लेकिन यह जितना सुविधाजनक है उतना ही खतरनाक भी है. तकनीक का इस्तेमाल कर लोग साइबर फ्रॉड कर रहे हैं जिससे खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. हाल ही में, एक नया ठगी का तरीका सामने आया है जिसमें लोगों की सेल्फी को ढाल बनाकर उन्हें लूटा जा रहा है. सेल्फी ऑथेंटिकेशन के जरिए लोगों का अकाउंट खाली किया जा रहा है.
कई बैंक और कंपनियां अपनी पहचान साबित करने के लिए यूजर्स से सेल्फी अपलोड करने के लिए कहती हैं. इस तकनीक का फायदा स्कैमर्स उठा रहे हैं. सेल्फी स्कैम क्या है और यह कैसे काम करता है, चलिए जानते हैं.
स्कैमर्स सबसे पहले यूजर्स से सेल्फी अपलोड करने के लिए कहते हैं. साइबर क्रिमिनल्स का इस तकनीक का गलत फायदा उठाते हुए फर्जी ईमेल या मैसेज के जरिए लोगों को लिंक भेजते हैं. जब लोग उस लिंक पर क्लिक कर अपनी फोटो अपलोड करते हैं तो उनका डाटा चुरा लिया जाता है. सिर्फ यही नहीं, आपकी डिवाइस में मैलवेयर इंस्टॉल कर लिया जाता है. ऐसा करके वो आपके कैमरे का कंट्रोल हासिल कर लेते हैं और फिर आपकी इजाजत के बिना ही आपकी सेल्फी ले ली जाती है और फिर आपका बैंक अकाउंट खाली करने या लोन लेने के लिए धोखाधड़ी की जाती है.
आपको किसी भी अनजान लिंक, ईमेल या मैसेज पर क्लिक नहीं करना है. ये फिशिंग हमलों का हिस्सा हो सकता है.
अपने सभी अकाउंट्स के लिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें. यह एक्स्ट्रा सिक्योरिटी उपलब्ध कराता है.
अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए उनके लिए भी टू फैक्टर वेरिफिकेशन ऑन करें.
अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग डिटेल और पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें.
अपने फोन में हमेशा लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट रखें.
डिवाइस में एक अच्छा एंटीवायरस सॉफ्टवेयर जरूर रखें जो मैलवेयर से बचने में मदद करेगा.
अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर कैमरा और दूसरे जरूरी फीचर्स के लिए ऐप्स की अनुमति को कंट्रोल करें.
अपनी सोशल मीडिया सेटिंग्स की प्राइवेसी को बढ़ाएं जिससे आपकी प्रोफाइल केवल विश्वसनीय कॉन्टैक्ट्स के लिए ही उपलब्ध हो.