नई दिल्ली: भारत में मोबाइल फोन यूजर्स को जल्द ही अपनी सर्विसेज के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि टेलिकॉम कंपनियां दो साल के गैप के बाद मोबाइल रिचार्ज की कीमतें लगभग 15 प्रतिशत बढ़ा देंगी. एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह प्राइस हाइक जून 2026 के आसपास की जा सकती है. एनालिस्ट्स का मानना है कि इस कदम से फाइनेंशियल ईयर 2027 तक टेलिकॉम सेक्टर की रेवेन्यू ग्रोथ में काफी सुधार होगा.
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने एक रिपोर्ट में कहा है कि टेलिकॉम कंपनियां आमतौर पर 2 या 3 साल बाद टैरिफ रेट बढ़ाती हैं. ऐसे में उम्मीद है कि यह टाइमिंग पिछले ट्रेंड्स से मेल खाती है. इससे पहले जो सबसे ज्यादा टैरिफ रेट बढ़ाए गए थे वो दो साल पहले थे.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लोग पहले से कहीं ज्यादा मोबाइल डाटा का इस्तेमाल कर रहे हैं. कई यूजर्स तो ऐसे हैं, जो प्रीपेड प्लान्स से पोस्टपेड प्लान्स में शिफ्ट हो रहे हैं, जबकि इनकी कीमत ज्यादा होती है. ये सभी फैक्टर मिलकर टेलिकॉम कंपनियों को प्रति यूजर ज्यादा पैसे कमाने में मदद कर रहे हैं.
टेलिकॉम सेक्टर का रेवेन्यू FY26 में लगभग 7% बढ़ने की उम्मीद है. हालांकि, आने वाले रिचार्ज प्राइस हाइक के साथ, एनालिस्ट्स का मानना है कि FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ बढ़कर लगभग 16% हो सकती है. अगर टैरिफ 15% बढ़ते हैं, तो FY27 में हर मोबाइल यूजर से होने वाली औसत कमाई में लगभग 14% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. इसके साथ ही, एक्सपर्ट्स ने यह भी चेतावनी दी है कि नए सब्सक्राइबर की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हो सकती है, क्योंकि कुछ कस्टमर्स ज्यादा कीमतों के कारण यूसेज कम करने या रिचार्ज में देरी करने की कोशिश कर सकते हैं.
देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम ऑपरेटर रिलायंस जियो कीमतें लगभग 10 से 20% बढ़ा सकती है. इस कदम को जियो द्वारा भारती एयरटेल के साथ अपनी प्राइसिंग और वैल्यू को मैच करने के तरीके के रूप में देखा जा रहा है. ज्यादा टैरिफ जियो को अपने इन्वेस्टर्स को बेहतर रिटर्न देने में भी मदद करेंगे.
वोडाफोन आइडिया के लिए स्थिति ज्यादा मुश्किल है, जो गंभीर फाइनेंशियल संकट का सामना कर रही है. कंपनी को बड़े सरकारी बकाए का भुगतान करने और बिजनेस में बने रहने के लिए अगले कुछ सालों में, FY27 और FY30 के बीच, अपनी मोबाइल सर्विस की कीमतों में 45 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करनी होगी.