नई दिल्ली: सर्दियों का मौसम आते ही घरों में गर्म पानी की जरूरत बढ़ जाती है. सुबह नहाने से लेकर रसोई के काम तक, पानी गर्म करने के लिए लोग इलेक्ट्रिक गीजर का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन लगातार गीजर चलाने से बिजली की खपत बढ़ सकती है, जिसका असर हर महीने के बिल पर पड़ता है. ऐसे में सोलर वॉटर गीजर एक ऐसा विकल्प है, जो सूरज की गर्मी से पानी को गर्म करने में मदद करता है. यह सर्दियों में काफी मददगार साबित हो सकता है. अगर आप भी इस सर्दी नया गीजर खरीदने की सोच रहे हैं, तो जानिए इसकी कीमत, काम करने का तरीका और जरूरी बातें.
सोलर वॉटर गीजर को आमतौर पर घर की छत पर लगाया जाता है, जहां धूप सही से आती हो. इसमें मुख्य रूप से दो हिस्से होते हैं सोलर कलेक्टर और पानी रखने वाला टैंक होता है. सोलर कलेक्टर सूरज की ऊर्जा को गर्मी में बदलता है. इससे उसके अंदर मौजूद पानी गर्म होने लगता है. गर्म पानी ऊपर लगे स्टोरेज टैंक में पहुंचता है और ठंडा पानी नीचे आकर दोबारा गर्म होता है. इस प्रोसेस से टैंक में गर्म पानी जमा होता रहता है.
टैंक में स्पेशल इंसुलेशन होने के कारण पानी कुछ समय तक गर्म रह सकता है. हालांकि, पानी का तापमान धूप, मौसम, टैंक की क्वालिटी और इस्तेमाल पर निर्भर करता है. लगातार बादल रहने या धूप कम मिलने पर पानी उतना गर्म नहीं हो सकता.
सोलर वॉटर गीजर की कीमत उसकी क्षमता, तकनीक, ब्रांड और इंस्टॉलेशन के खर्च पर निर्भर करती है. बाजार में सामान्य तौर पर मिलने वाले सिस्टम के लिए बजट इस प्रकार हो सकता है:
100 लीटर क्षमता: लगभग 15,000 से 25,000 रुपये.
200 लीटर क्षमता: लगभग 25,000 से 40,000 रुपये.
इंस्टॉलेशन खर्च: करीब 2,000 से 5,000 रुपये अतिरिक्त लग सकते हैं.
तीन से चार सदस्यों वाले परिवार के लिए 100 लीटर क्षमता वाला सिस्टम पर्याप्त हो सकता है. वहीं, पांच से आठ सदस्यों वाले परिवार को 200 लीटर या उससे अधिक क्षमता की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, सही क्षमता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि घर में गर्म पानी का इस्तेमाल कितना होता है और एक ही समय में कितने लोग इसका उपयोग करते हैं.
सोलर गीजर खरीदने से पहले सब्सिडी की जानकारी लेना जरूरी है. सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम के लिए सहायता की उपलब्धता राज्य, स्थानीय योजना और समय के अनुसार बदल सकती है. इसलिए यह मानकर न चलें कि हर खरीदार को निश्चित राशि की सब्सिडी मिलेगी. अपने राज्य की अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी या संबंधित सरकारी विभाग से मौजूदा नियमों की पुष्टि करें. विक्रेता से भी पूछें कि क्या आपके एरिया कोई ऐसी स्कीम चल रही है और उसके लिए कौन-से डॉक्यूमेंट जरूरी हैं.
सिस्टम खरीदने से पहले छत पर पर्याप्त धूप, पानी की टंकी रखने की जगह, पाइपलाइन और छत की मजबूती की जांच करवाएं. कम धूप वाले दिनों के लिए बैकअप हीटिंग की जरूरत भी पड़ सकती है. शुरुआती खर्च सामान्य इलेक्ट्रिक गीजर से अधिक हो सकता है, लेकिन लंबे समय में बिजली की बचत से इसकी भरपाई संभव है. वास्तविक बचत आपके पानी के इस्तेमाल, धूप और बिजली की दरों पर निर्भर करेगी.