सावधान! रक्षाबंधन पर ऑनलाइन शॉपिंग करते समय इन बातों का रखें ख्याल

रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों के साथ-साथ ऑनलाइन शॉपिंग भी बढ़ जाती है. लोग राखी, मिठाई और गिफ्ट खरीदने के लिए अलग-अलग वेबसाइट और ऐप का इस्तेमाल करते हैं. इसी दौरान साइबर स्कैमर भी एक्टिव नजर आते हैं.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों के साथ-साथ ऑनलाइन शॉपिंग भी बढ़ जाती है. लोग राखी, मिठाई और गिफ्ट खरीदने के लिए अलग-अलग वेबसाइट और ऐप का इस्तेमाल करते हैं. इसी दौरान साइबर स्कैमर भी एक्टिव नजर आते हैं. स्कैमर्स लोगों को सस्ते ऑफर, गिफ्ट और कैशबैक का लालच देकर स्कैम करने की कोशिश करते हैं. 

साइबर क्रिमिनल्स फेक वेबसाइट, फेक ऐप, फेक UPI लिंक और आकर्षक डिस्काउंट का सहारा लेते हैं. ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही आपके बैंक अकाउंट को नुकसान पहुंचा सकती है. यहां हम आपको बताएंगे कि किन-किन तरीकों से स्कैमर्स आपको स्कैम करने की कोशिश करते हैं और आप इस तरह के स्कैम से बच सकते हैं.

1. फेक गिफ्ट लिंक से रहें सावधान:

त्योहार के दौरान साइबर स्कैमर आपको फ्री गिफ्ट या रक्षाबंधन स्पेशल ऑफर के नाम पर लिंक भेज सकते हैं. इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपसे बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर या OTP मांगा जा सकता है. कुछ मामलों में खतरनाक APK या दूसरी फाइल डाउनलोड करने के लिए भी कहा जा सकता है. इसलिए अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें.


2. 80-90% डिस्काउंट का लालच:

रक्षाबंधन पर राखी, मिठाई और गिफ्ट पर भारी डिस्काउंट देने के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाई जा सकती हैं. साइबर स्कैमर 80 या 90 प्रतिशत तक छूट का दावा करके लोगों को आकर्षित करते हैं. ऑर्डर करने के बाद फर्जी पेमेंट पेज पर बैंक या कार्ड की जानकारी मांगी जा सकती है. इसलिए किसी भी वेबसाइट पर खरीदारी करने से पहले उसका URL और वेबसाइट की विश्वसनीयता जरूर जांचें.

3. कुरियर के नाम पर स्कैमरी:

त्योहारों के दौरान ऑनलाइन ऑर्डर और कुरियर की संख्या बढ़ जाती है. इसी का फायदा उठाकर स्कैमर फोन कर सकते हैं और खुद को कुरियर कंपनी का कर्मचारी बता सकते हैं. वे एड्रेस अपडेट करने, डिलीवरी पूरी करने या किसी छोटी फीस के भुगतान के नाम पर लिंक भेज सकते हैं. कई बार OTP भी मांगा जाता है. याद रखें, अनजान व्यक्ति के साथ OTP शेयर करना भारी पड़ सकता है.

4. UPI रिफंड स्कैम:

अगर आपने कोई सामान रिटर्न किया है या किसी पेमेंट का रिफंड आना बाकी है, तो स्कैमर इसी जानकारी का फायदा उठा सकते हैं. वे खुद को कंपनी या बैंक का कर्मचारी बताकर रिफंड दिलाने की बात कर सकते हैं. इस दौरान आपसे UPI PIN डालने, QR कोड स्कैन करने या किसी लिंक पर जाने के लिए कहा जा सकता है. ध्यान रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती.

5. कैशबैक के नाम पर स्कैम:

फेस्टिव सीजन में बैंक, शॉपिंग वेबसाइट और पेमेंट ऐप के नाम पर फर्जी कैशबैक ऑफर भेजे जा सकते हैं. स्कैमर कैशबैक दिलाने के नाम पर बैंक डिटेल या कुछ रुपये प्रोसेसिंग फीस के रूप में मांग सकते हैं. ऐसे किसी भी ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें और ऑफर की जानकारी हमेशा संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से जांचें.