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133 रुपये के मोमोज मंगाए लेकिन डिलीवर नहीं हुए, अब Zomato को देने पड़ेंगे 60 हजार रुपये

जोमैटो ने एक ग्राहक के ऑर्डर की डिलीवरी नही की. ये कंपनी को भारी पड़ गया. ग्राहक ने कंज्यूमर कोर्ट में इसकी शिकायत कर दी. अब जोमौटो को 60 हजार का जुर्माना भरना पड़ेगा. शीतल ने 31 अगस्त 2023 को मोमोज ऑर्डर किया था. उन्होंने ऑर्डर के बदले डिलीवरी कंफॉर्मेशन भी मिला था. लेकिन, उनका मोमोज कभी डिलीवर नहीं हुआ.

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फूड डिलीवरी कंपनी Zomato को मोमोज नहीं पहुंचाना भारी पड़ा. कंज्यूमर कोर्ट ने महिला की कंप्लेन पर एक्शन लेते हुए Zomato पर 60 हजार का फाइन लगा दिया. महिल ने 2023 में ऐप से मोमोज ऑर्डर किया था, जो उसे नहीं मिला.  रिपोर्ट के अनुसार, धारवाड़ में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का आदेश हाल ही में आया.

शीतल नाम की महिला ने कथित तौर पर 31 अगस्त, 2023 को ऑर्डर दिया था, लेकिन मोमोज उसके पास नहीं पहुंचा. शीतल ने रेस्तरां और ज़ोमैटो दोनों से संपर्क किया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला. शीतल ने 31 अगस्त 2023 को मोमोज ऑर्डर किया था. उन्होंने ऑर्डर के बदले डिलीवरी कंफॉर्मेशन भी मिला था. लेकिन, उनका मोमोज कभी डिलीवर नहीं हुआ. इसके लिए उन्होंने 133 रुपये पे किए थे.ज़ोमैटो ने जांच के लिए 72 घंटे का समय मांगा, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं की. कोई विकल्प न होने पर शीतल ने सितंबर 2023 में ज़ोमैटो के खिलाफ़ कानूनी नोटिस दायर किया. 

जोमैटो को भरना होगा  60,000 रुपये

कोर्ट में जोमैटो ने गलती माने से इनकार किया. हालांकि कोर्टन ने कहा कि कंपनी ने जिस तरह से इस मामले का हल निकाला है वो निराशाजनक है. कोर्ट जोमौटो की सेवा में कमी और शीतल को हुई असुविधा के लिए जिम्मेदार बताया. ज़ोमैटो को शीतल को मानसिक तनाव के लिए मुआवजे के रूप में 50,000 रुपये और कानूनी खर्चों के लिए 10,000 रुपये देने का आदेश दिया गया, जिससे कुल मुआवजा 60,000 रुपये हो गया.

कंज्यूमर कोर्ट ने क्या कहा?

कंज्यूमर कोर्ट के अध्यक्ष Eshappa K Bhute ने अपने फैसले में कहा कि ज़ोमैटो ग्राहकों द्वारा ऑनलाइन दिए गए ऑर्डर पर सामग्री की आपूर्ति का व्यवसाय करता है. खरीद मूल्य प्राप्त होने के बावजूद, ज़ोमैटो ने शिकायतकर्ता को आवश्यक उत्पाद नहीं दिया. इस मामले के इन तथ्यों को देखते हुए, हमारी राय में ऑप नंबर 1 (ज़ोमैटो) ही शिकायतकर्ता के दावे का जवाब देने के लिए उत्तरदायी है.