नई दिल्ली: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए OpenAI ने बड़ा दांव खेला है. कंपनी ने घोषणा की है कि वह अपने ChatGPT Go सब्सक्रिप्शन को 4 नवंबर से एक साल तक सभी भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त उपलब्ध कराएगी.
यह पहल कंपनी की भारत-केंद्रित रणनीति का हिस्सा है, जो प्रतिस्पर्धियों Google और Perplexity के आक्रामक कदमों के जवाब में देखी जा रही है.
ChatGPT Go को इस साल अगस्त में भारत में लॉन्च किया गया था. ₹399 प्रतिमाह की कीमत पर उपलब्ध यह प्लान मुफ्त ChatGPT और प्रीमियम ChatGPT Plus के बीच का पुल था. अब कंपनी इसे एक साल के लिए मुफ्त कर रही है. इस फैसले से OpenAI न केवल नए यूजर्स को जोड़ना चाहती है, बल्कि भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने का लक्ष्य भी रखती है.
OpenAI के संस्थापक सैम ऑल्टमैन के अनुसार, भारत कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है. यहां उपयोगकर्ताओं की संख्या और सक्रियता दोनों रिकॉर्ड स्तर पर हैं. कंपनी का कहना है कि ChatGPT Go के लॉन्च के बाद से भारत में पेड सब्सक्रिप्शन की संख्या दोगुनी हो चुकी है. यही कारण है कि अब कंपनी भारत को अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रख रही है.
OpenAI का यह कदम सीधे तौर पर Google और Perplexity को चुनौती देता है. हाल ही में Google ने अपने AI Pro प्लान, जिसकी कीमत ₹19,500 थी, छात्रों के लिए एक साल के लिए मुफ्त कर दिया. वहीं Perplexity ने एयरटेल के साथ साझेदारी कर अपने प्रीमियम प्लान की मुफ्त पहुंच दी है. ऐसे में OpenAI की यह पहल भारत में एआई बाजार की प्रतिस्पर्धा को और तेज करने वाली साबित हो सकती है.
मुफ्त ChatGPT Go प्लान में यूजर्स को कई सुविधाएं मिलेंगी, जैसे अधिक संदेश सीमा, प्रतिदिन अधिक इमेज जनरेशन और अपलोड की सुविधा, साथ ही लंबी मेमोरी जो चैट को और संदर्भित और व्यक्तिगत बनाएगी. OpenAI के वाइस प्रेसिडेंट निक टर्ली ने कहा कि भारतीय यूजर्स की रचनात्मकता और भागीदारी प्रेरणादायक रही है, और यह कदम उन्हें और सशक्त बनाएगा.
OpenAI का यह ऐलान उसके पहले भारतीय कार्यक्रम DevDay Exchange से ठीक पहले आया है, जो नवंबर में आयोजित होगा. इस इवेंट के जरिए कंपनी भारत में डेवलपर और क्रिएटिव कम्युनिटी से सीधे जुड़ने की कोशिश करेगी. एक साल के लिए ChatGPT Go को मुफ्त कर OpenAI न केवल उपयोगकर्ताओं को जोड़ना चाहती है, बल्कि भारत में एआई टेक्नोलॉजी को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में यह बड़ा कदम है.